टाटा को पछाड़ रिलायंस बना देश का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट समूह
NSE पर Jio Platforms की धमाकेदार एंट्री के साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक नया इतिहास रच दिया है. लिस्टिंग के दौरान मुकेश अंबानी भावुक नजर आए, वहीं उनकी अगली पीढ़ी ने जियो के वैश्विक स्तर पर बड़े विजन को साझा किया.
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय शेयर बाजार में एक नया इतिहास रचा गया, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा 'जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड' (JPL) की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग हुई. पहले ही दिन कंपनी के शेयरों में 26 प्रतिशत का जोरदार उछाल देखने को मिला, जिससे जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) ₹13 लाख करोड़ के पार पहुंच गया. अपनी मूल कंपनी RIL के बाद यह देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है.
टाटा ग्रुप को पछाड़ रिलायंस बना नंबर-1 समूह
जियो की इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ ही मुकेश अंबानी का रिलायंस समूह ₹30 लाख करोड़ से अधिक के कुल मार्केट कैप के साथ भारत का सबसे बड़ा कॉरपोरेट ग्रुप बन गया है. इस अभूतपूर्व सफलता के साथ रिलायंस ने टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ दिया है, जो कई सालों से शीर्ष स्थान पर काबिज था.
चार पीढ़ियों की मौजूदगी और मुकेश अंबानी का भावुक पल
मुंबई स्थित NSE में लिस्टिंग के समय अंबानी परिवार की चार पीढ़ियां एक साथ नजर आईं. मंच पर धीरूभाई अंबानी के चित्र के सामने मुकेश अंबानी अपनी मां कोकिलाबेन, पत्नी नीता अंबानी, बेटों आकाश और अनंत, बेटी ईशा तथा नाती-पोतों के साथ मौजूद थे. अपनी कड़ी मेहनत और पिता के सपनों को इस नए शिखर तक पहुंचते देख उद्योगपति मुकेश अंबानी कई बार मंच पर अपने आंसू पोंछते हुए बेहद भावुक नजर आए.
नई पीढ़ी ने दिया एकजुटता और वैश्विक विजन का संदेश
मंच से परिवार की नई पीढ़ी ने कंपनी की यात्रा और अपने विजन को देश के सामने रखा. अनंत अंबानी ने अपने दादा धीरूभाई द्वारा गुजरात के चोरवाड़ से शुरू किए गए सफर को याद करते हुए कहा कि वे तीनों भाई-बहन "तीन शरीर, एक आत्मा" की तरह मिलकर इस विरासत को आगे बढ़ाएंगे. ईशा अंबानी ने अपने पिता के साहसिक नेतृत्व और दूरदर्शिता की सराहना की. वहीं, जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने भविष्य का खाका पेश करते हुए कहा कि उनका सपना जियो को दुनिया की सबसे बड़ी और अग्रणी टेक्नोलॉजी कंपनियों की सूची में शामिल कराना है.
2002 से 2026: टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस का सफर
उल्लेखनीय है कि 2002 में रिलायंस इन्फोकॉम से टेलीकॉम क्षेत्र में कदम रखने वाले मुकेश अंबानी को 2005 के पारिवारिक विभाजन में यह व्यवसाय छोड़ना पड़ा था. इसके बाद 2010 में 4G स्पेक्ट्रम नीलामी के जरिए दोबारा प्रवेश कर उन्होंने 2016 में जियो की शुरुआत की, जिसने आज भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी का आकार ले लिया है.