गुरू, 29 अक्टू. 2026

CGKhabar

"क्यूबा कोई खतरा नहीं, अमेरिकी नाकाबंदी है खतरा": UN में क्यूबाई विदेश मंत्री

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों पर मतदान के बीच अमेरिका और क्यूबा के प्रतिनिधियों में तीखी बहस देखने को मिली. क्यूबा के विदेश मंत्री ने अमेरिकी कदम को आर्थिक युद्ध करार दिया.

C

CG Khabar

29 अक्टू. 2026, 10:44 AM 3 मिनट में पढ़ें 22

सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो

नई दिल्ली । डेस्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका द्वारा क्यूबा पर लगाए गए लंबे समय के आर्थिक प्रतिबंधों की निंदा का प्रस्ताव लगातार 34वें वर्ष पारित कर दिया गया है. मतदान से पहले क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने अमेरिकी नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि एक महाशक्ति आर्थिक युद्ध के जरिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश पर हमला कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि क्यूबा किसी के लिए खतरा नहीं है, बल्कि अमेरिका द्वारा लगाया गया यह प्रतिबंध ही असली खतरा है.

मतदान में बदला अंतरराष्ट्रीय रुख

इस साल महासभा में हुए मतदान के दौरान अंतरराष्ट्रीय समर्थन के आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. प्रस्ताव के पक्ष में 130 देशों ने वोट किया, जबकि 17 देशों ने इसके विरोध में मतदान किया और 25 देश प्रक्रिया से दूर रहे. पिछले वर्ष 160 से अधिक देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था और केवल 12 देश तटस्थ रहे थे. वाशिंगटन के कूटनीतिक प्रभाव के कारण 34 वर्षों में पहली बार जर्मनी, इटली और लातविया जैसे पश्चिमी देशों ने मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लिया. वहीं कोलंबिया, इक्वाडोर, बोस्निया, कोस्टा रिका, मोरक्को और उत्तर मेसिडोनिया समेत कई देशों ने पहली बार प्रस्ताव के विरोध में वोट डाला.

विज्ञापन

महासभा के मंच पर तीखी झड़प और वाकयुद्ध

मतदान से पहले संयुक्त राष्ट्र के मंच पर अभूतपूर्व कूटनीतिक तनाव देखने को मिला. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज और क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज के बीच तीखी बहस हो गई. वाल्ट्ज द्वारा क्यूबा सरकार की आलोचना किए जाने पर रोड्रिगेज ने पॉडियम के पास जाकर उन्हें झूठा करार दिया और पाइंट ऑफ ऑर्डर की मांग की. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों के बीच-बचाव के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि उन्हें डराया नहीं जा सकता. रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार करते हुए वाल्ट्ज को याद दिलाया कि वे संयुक्त राष्ट्र में भाषण दे रहे हैं, व्हाइट हाउस की किसी राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में नहीं.

गहराता आर्थिक संकट और ईंधन नाकाबंदी

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब क्यूबा भीषण वित्तीय संकट, बिजली कटौती और बुनियादी वस्तुओं की किल्लत से जूझ रहा है. ट्रंप प्रशासन द्वारा क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी के बाद से द्वीप पर ईंधन की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है. इससे पूरे देश में व्यापक पावर कट की स्थिति बन गई है, जिसने पानी की आपूर्ति, इंटरनेट और टेलीफोन जैसी आवश्यक सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. हाल ही में अमेरिका ने क्यूबा के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप की आशंका को भी फिर से बल दिया था.

छह दशक पुराना ऐतिहासिक प्रतिबंध

अमेरिका ने क्यूबा पर यह आर्थिक प्रतिबंध पहली बार 1960 में लगाया था. फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में हुई क्रांति के बाद तत्कालीन सरकार ने अमेरिकी नागरिकों और कॉरपोरेट्स की संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. तब से यह कैरिबियाई देश लगातार आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है और वर्तमान में नए कड़े प्रतिबंधों के कारण स्थितियां अधिक गंभीर रूप ले चुकी हैं.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन- जशपुर
छत्तीसगढ़

जशपुर: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने बुलंद की आवाज, मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण की मांग

3 घंटे पहले

छात्रावास अधीक्षकों का प्रदर्शन-जशपुर
छत्तीसगढ़

जशपुर: 1500 रुपये में कैसे खिलाएं खाना? छात्रावास अधीक्षकों का 12 नवंबर को सांकेतिक हड़ताल

3 घंटे पहले

वन्य जीव तस्कर गिरफ्तार- दंतेवाड़ा
छत्तीसगढ़

दंतेवाड़ा: 14 किलो पैंगोलिन खाल के साथ 6 अंतरजिला तस्कर गिरफ्तार

3 घंटे पहले

नाबालिक से रेप
छत्तीसगढ़

रायगढ़: नाबालिग को ले जाकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल

4 घंटे पहले

B. Ed
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: B.Ed और D.El.Ed में प्रवेश का आखिरी मौका, 5 नवंबर से शुरू होगी काउंसलिंग

4 घंटे पहले

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग: बैलडिला बुल्स ने राजधानी रॉयल्स को हराकर दर्ज की पहली जीत

4 घंटे पहले

CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP