जशपुर: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने बुलंद की आवाज, मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण की मांग
मानदेय में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर जशपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन शुरू. मांगें न माने जाने पर राज्यभर में काम बंद हड़ताल की दी चेतावनी.
जशपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी विविध लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का बिगुल फूंक दिया है. 'आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संयुक्त मंच' के तत्वावधान में एकत्रित हुईं कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक प्रमुख कलेक्टर को अपनी 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा.
संघ का स्पष्ट कहना है कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तो आने वाले दिनों में संपूर्ण राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी.
प्रदर्शन के दौरान संघ की मीडिया प्रभारी निशा सिंह ने बताया कि आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली गई है.
पहले चरण के तहत तहसील स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं. इसके बाद इस आंदोलन को जिला, संभाग और फिर राज्य स्तर तक विस्तार दिया जाएगा. निशा सिंह ने कहा कि लंबे समय से मैदानी स्तर पर सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालने के बाद भी उन्हें न तो नियमित कर्मचारियों का दर्जा मिला है और न ही उचित सुविधाएं दी जा रही हैं.
मांग पत्र में वित्तीय सुरक्षा और पदोन्नति को प्रमुखता दी गई है. संयुक्त मंच ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए प्रतिमाह 30 हजार रुपये तथा सहायिकाओं के लिए 25,500 रुपये मानदेय निश्चित करने की मांग उठाई है.
इसके साथ ही, योग्य कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर और सहायिकाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में पदोन्नत करने का प्रावधान शामिल करने का आग्रह किया है. कार्यकर्ताओं ने दुख जताया कि वर्तमान में मिलने वाले सीमित मानदेय में इस महंगाई के दौर में परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है, इसलिए सामाजिक सुरक्षा और सेवा का स्थायीकरण अत्यंत आवश्यक है.