छत्तीसगढ़: आसाराम बापू की ‘संस्कार सरिता’ बांटने पर बलरामपुर के आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य पद से हटाए गए
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य को 'संस्कार सरिता' नामक पुस्तक छात्रों को बांटने के बाद पद से हटा दिया गया है. पुस्तक का संबंध दुष्कर्म के आरोपी आसाराम से बताए जाने पर अभिभावकों ने जमकर विरोध दर्ज कराया था. मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं.
बलरामपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय स्कूल में छात्रों को विवादित पुस्तक 'संस्कार सरिता' बांटे जाने का मामला गरमा गया है. मिडिल स्कूल के बच्चों को पुस्तक वितरण और उस पर आधारित परीक्षा आयोजित करने के निर्देशों से नाराज अभिभावकों के विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्राचार्य को पद से हटा दिया है.
यह विवाद रघुनाथनगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में उस समय सामने आया जब छात्र सोमवार को स्कूल से यह पुस्तक अपने घर ले गए. अभिभावकों को जब पता चला कि बच्चों को दुष्कर्म और पोक्सो (POCSO) मामले में सजायाफ्ता आसाराम से जुड़ी सामग्री पढ़ाई जा रही है, तो उन्होंने स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए.
परिजनों का आरोप है कि बच्चों को यह पुस्तक पढ़ने और इस पर आधारित एक परीक्षा में शामिल होने के लिए कहा गया था. इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि आसाराम के अनुयायियों ने स्कूल का दौरा किया था और प्राचार्य के माध्यम से इन पुस्तकों का वितरण करवाया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) नरेंद्र निरामपुरे ने तुरंत जांच के आदेश दिए. इसके बाद वाड्रफनगर के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) श्याम किशोर जायसवाल ने स्कूल पहुंचकर छात्रों और अभिभावकों के बयान दर्ज किए. जांच टीम की शुरुआती पूछताछ में कुछ छात्रों ने पुष्टि की कि पुस्तकें प्राचार्य द्वारा ही बांटी गई थीं.
जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है. फिलहाल इस बात की विस्तृत जांच की जा रही है कि यह सामग्री सरकारी स्कूल तक कैसे पहुंची, इसके वितरण की अनुमति किसने दी और क्या छात्रों पर इस पर आधारित मूल्यांकन में शामिल होने का दबाव बनाया गया था.
इस घटनाक्रम ने सरकारी शिक्षण संस्थानों में बांटी जाने वाली पठन-पाठन सामग्री की निगरानी और स्क्रूटनी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.