पोप लियो की लंग कैंसर सर्जरी: बदला लोगों का नजरिया- वे भी हम सभी की तरह एक आम इंसान हैं
पोप लियो की हालिया कैंसर सर्जरी के बाद वेटिकन के विदेश मंत्री आर्चबिशप पॉल गैलाघेर ने उनके स्वास्थ्य और दक्षिण अमेरिका दौरे को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. कई लोग उन्हें एक बेहद शक्तिशाली और अजेय व्यक्तित्व मानते थे. लेकिन इस बीमारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे भी हम सभी की तरह एक आम इंसान हैं.
नई दिल्ली । डेस्क: वेटिकन के विदेश मंत्री आर्चबिशप पॉल गैलाघेर ने एक प्रेस कार्यक्रम के दौरान एक अहम बयान देते हुए कहा कि पोप लियो की हालिया लंग कैंसर सर्जरी ने कैथोलिक समुदाय के उनके स्वास्थ्य और पोप पद के प्रति नजरिए को बदल दिया है.
उन्होंने इसे एक "गेम चेंजर" करार देते हुए कहा कि पोप की अपेक्षाकृत कम उम्र (71 वर्ष) और शारीरिक फिटनेस के कारण कई लोग उन्हें एक बेहद शक्तिशाली और अजेय व्यक्तित्व मानते थे. लेकिन इस बीमारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे भी हम सभी की तरह एक आम इंसान हैं.
पोप लियो की 13 अक्टूबर को फेफड़े के एक हिस्से को हटाने के लिए सर्जरी हुई थी. डॉक्टरों के अनुसार, कैंसर पूरी तरह से सीमित था और फैला नहीं है, इसलिए अब उन्हें किसी और उपचार की आवश्यकता नहीं है.
सर्जरी के बाद 18 अक्टूबर को वेटिकन लौटने के बाद से पोप धीरे-धीरे अपनी गतिविधियों में व्यस्त हो रहे हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में काफी ऊर्जावान दिखाई दे रहे हैं.
स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद, वेटिकन ने पुष्टि की है कि पोप लियो 6 से 17 नवंबर तक दक्षिण अमेरिका के तीन देशों की अपनी बहुप्रतीक्षित और व्यस्त यात्रा पर जरूर जाएंगे. आर्चबिशप गैलाघेर ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह बहुत सकारात्मक है और पोप स्वयं इस दौरे पर जाने के लिए पूरी तरह इच्छुक हैं.