होर्मुज पर नियंत्रण से ही कायम रहेगी राष्ट्रीय व क्षेत्रीय सुरक्षा: अयातुल्ला मुजतबा ख़ामेनेई
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा ख़ामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखकर राष्ट्रीय व क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और संसद अध्यक्ष के साथ हुई बैठकों में देश की आर्थिक स्थिति, 'न युद्ध न शांति' की स्थिति को खत्म करने और स्वदेशी क्षेत्रीय सुरक्षा मॉडल पर गहन चर्चा हुई.
नई दिल्ली । डेस्क: ईरान के अखबार तेहरान टाइम्स की खबर है कि तेहरान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सेय्यद मुजतबा ख़ामेनेई ने सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रजाई के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस बैठक में देश की सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा स्थिति के साथ-साथ क्षेत्र में उभरती नई व्यवस्था पर व्यापक चर्चा हुई.
सर्वोच्च नेता ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखना और स्थायी व आपसी हितों के आधार पर पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा की मुख्य कुंजी है.
नीति निर्माण के चौराहे के रूप में एसएनएससी और व्यापक रणनीति
बैठक के दौरान सर्वोच्च नेता ने एसएनएससी और इसके सचिवालय को देश के मामलों में "नीति निर्माण का चौराहा" करार दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्कृति, राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं, इसलिए हर क्षेत्र में लिए जाने वाले फैसलों के साथ उचित सहायक उपाय होने आवश्यक हैं. उन्होंने कहा कि सही और तर्कसंगत फैसले लेने के लिए किसी भी कार्य योजना की शुरुआत से लेकर उसके समापन तक की एक व्यापक समझ पर आधारित रोडमैप होना बेहद जरूरी है.
राष्ट्रीय एकजुटता और 'न युद्ध न शांति' के अंत का आह्वान
चर्चा के अन्य मुख्य बिंदुओं में राष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करना और जनता तथा अधिकारियों के बीच आपसी विश्वास को बढ़ाना शामिल रहा. सर्वोच्च नेता ने संविधान, विशेष रूप से अनुच्छेद 176 की क्षमताओं का उपयोग करने का निर्देश दिया ताकि राष्ट्रपति और कार्यकारी निकायों को समस्याओं के त्वरित समाधान में मदद मिल सके.
उन्होंने दुश्मनों की हताशा को राष्ट्रीय प्रतिरोध का परिणाम बताया और कहा कि देश की रक्षा के लिए जनता की निरंतर भागीदारी बनाए रखने के लिए समय पर संवाद जरूरी है. इसके साथ ही, उन्होंने ईरानी राष्ट्र और 'प्रतिरोध मोर्चे' के अधिकारों और हितों की रक्षा करने पर जोर देते हुए कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए ईरानी अधिकारियों द्वारा तय की गई शर्तों को पूरा कराया जाए और वर्तमान 'न युद्ध न शांति' की स्थिति का अंत किया जाए.
चार देशों की तेहरान बैठक और स्वदेशी सुरक्षा ढांचा
बैठक में एसएनएससी के सचिव मोहसिन रजाई ने विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि सचिवालय 'स्वदेशी क्षेत्रीय व्यवस्था और सुरक्षा' स्थापित करने की रणनीतिक नीति पर काम कर रहा है. रजाई ने ईरान, पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तेहरान में हुई हालिया चार पक्षीय बैठक का हवाला दिया.
रजाई के अनुसार, इस वार्ता ने साबित कर दिया है कि अमेरिकी धमकियां क्षेत्रीय देशों को आपस में करीब आने से रोकने में पूरी तरह विफल रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया की सुरक्षा क्षेत्रीय देशों द्वारा ही बनाई जानी चाहिए और इसमें किसी भी बाहरी या विदेशी हस्तक्षेप को पूरी तरह से रोका जाना चाहिए.
अर्थव्यवस्था, उत्पादन श्रृंखला और जन-आजीविका पर ध्यान
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने भी अयातुल्ला ख़ामेनेई के साथ हुई अपनी हालिया बैठक का ब्योरा दिया. गालिबाफ ने बताया कि सर्वोच्च नेता पूरी तरह से स्वस्थ, उच्च मनोबल, दृढ़ता और मामलों पर पूर्ण पकड़ के साथ देश का मार्गदर्शन कर रहे हैं.
बैठक में सर्वोच्च नेता ने व्यापक आर्थिक संकेतकों का सटीक मूल्यांकन करने और उत्पादन श्रृंखलाओं कच्चे माल से लेकर बुनियादी सामानों की आपूर्ति तक को सुरक्षित करने के निर्देश दिए. उन्होंने जनता, विशेष रूप से अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं और सशस्त्र बलों की क्रय शक्ति व आजीविका की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही.
इसके अतिरिक्त, चीन जैसे रणनीतिक साझेदारों के साथ संबंधों की अद्यतन स्थिति और आर्थिक नाकेबंदी का मुकाबला करने पर भी सहमति व्यक्त की गई.