100 साल से ज्यादा जी रही हैं इटली के बोलोटाना गांव की महिलाएं, वैज्ञानिकों को किया हैरान
इटली के एक छोटे से पहाड़ी गांव बोलोटाना में महिलाएं 100 साल से भी अधिक का जीवन जी रही हैं. वैज्ञानिकों की रिसर्च में सामने आई लंबी उम्र की यह अनोखी और प्रेरणादायक कहानी.
नई दिल्ली । डेस्क: इटली के सारडिनिया द्वीप पर स्थित एक छोटा सा खूबसूरत पहाड़ी गांव बोलोटाना इन दिनों दुनिया भर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के ध्यान का केंद्र बना हुआ है. वजह है इस गांव की महिलाओं की अभूतपूर्व और नजीर पेश करने वाली लंबी उम्र. आमतौर पर दुनिया भर में सौ वर्ष की आयु पार करने वाले लोगों की संख्या बेहद कम होती है, लेकिन बोलोटाना गांव की महिलाएं इस मामले में सभी रिकॉर्ड तोड़ रही हैं.
लगभग बीस साल पहले वैज्ञानिकों ने सारडिनिया को दुनिया का पहला 'ब्लू जोन' घोषित किया था, यानी एक ऐसा भौगोलिक क्षेत्र जहां के लोगों की जीवन प्रत्याशा सामान्य से काफी अधिक होती है. हालांकि, हाल ही में 'फ्रंटियर्स इन पब्लिशिंग' पत्रिका में प्रकाशित एक विस्तृत अध्ययन ने यह साबित कर दिया है कि बोलोटाना की महिलाओं में 100 वर्ष की आयु तक जीवित रहने की संभावना मूल ब्लू जोन के निवासियों से भी कहीं अधिक है.
तीन दशकों के आंकड़ों में दिखा चौंकाने वाला सच
वर्ष 2014 में शुरू हुए इस व्यापक शोध का नेतृत्व इटली की सासारी यूनिवर्सिटी और अमेरिका की अलबामा यूनिवर्सिटी के सात वरिष्ठ वैज्ञानिकों के एक संयुक्त दल ने किया. वैज्ञानिकों ने पिछले 30 वर्षों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण करने के बाद पाया कि बोलोटाना में 70 वर्ष की आयु पार करने वाली महिलाओं में से 13.8 प्रतिशत महिलाओं ने 100 वर्ष का आंकड़ा भी सफलतापूर्वक छुआ है.
आंकड़ों के इस तुलनात्मक पैमाने पर बोलोटाना की महिलाएं वैश्विक स्तर पर केवल हांगकांग की महिलाओं से पीछे हैं. अगर स्वयं इटली के राष्ट्रीय आंकड़े को देखें तो वहां 70 की उम्र पार करने के बाद केवल 3.5 प्रतिशत महिलाएं ही सौ साल तक पहुंच पाती हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह अनुपात महज 2 प्रतिशत है. ऐसे में बेहद सीमित संसाधनों वाले इस छोटे से गांव की महिलाओं की असाधारण जीवनशक्ति ने वैज्ञानिक समुदाय को आश्चर्यचकित कर दिया है.
सौ साल के ऐतिहासिक दस्तावेजों से मिला प्रमाण
बोलोटाना गांव की कुल आबादी लगभग 2,266 है. आबादी कम होने के कारण शोधकर्ताओं को स्थानीय चर्च और कब्रिस्तान से पिछले एक सौ वर्षों के जन्म एवं मृत्यु से जुड़े प्रामाणिक दस्तावेजों को जुटाने में अधिक कठिनाई नहीं हुई. इन ऐतिहासिक दस्तावेजों की जांच से स्पष्ट हुआ कि वर्ष 1900 से 1925 के बीच जन्मे लोगों में से 38 लोग 100 वर्ष से अधिक समय तक जीवित रहे.
यह संख्या इटली में शतायु लोगों के औसत की तुलना में 57 प्रतिशत अधिक है. शोध के अनुसार, इन 38 लोगों में से 12 लोग वर्ष 2025 तक जीवित थे. इस वर्ष छह अन्य बुजुर्गों का निधन हुआ और वर्तमान में जीवित बचे सभी लोग महिलाएं ही हैं. इनमें से दो महिलाओं की आयु 102 वर्ष हो चुकी है, जबकि आने वाले वर्षों में कई अन्य महिलाएं भी शताब्दी पूरी करने वाली हैं.
ब्लू जोन के भौगोलिक विस्तार ने बढ़ा दी उत्सुकता
दुनिया भर में अब तक पांच प्रमुख ब्लू जोन पहचाने गए हैं, जिनमें जापान का ओकिनावा, कोस्टा रिका का निकोया प्रायद्वीप, ग्रीस का इकारिया और कैलिफोर्निया का लोमा लिंडा शामिल हैं. लेकिन वैज्ञानिकों को सबसे ज्यादा हैरान इस बात ने किया है कि जहां अन्य सभी चार ब्लू जोन अपने मूल दायरे तक ही सीमित रहे हैं, वहीं सारडिनिया का ब्लू जोन लगातार विस्तृत हो रहा है. बोलोटाना गांव मूल ब्लू जोन से करीब 110 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है.
शोध दल के प्रमुख प्रोफेसर जियोवानी मारियो पेस का कहना है कि 25 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी निर्धारित ब्लू जोन के बाहर लोगों की जीवन प्रत्याशा इस तरह बढ़ती हुई देखी गई है. बोलोटाना अन्य क्षेत्रों से इसलिए भी अलग है क्योंकि यहां पुरुषों की तुलना में महिलाओं की आयु उल्लेखनीय रूप से अधिक है.
खान-पान, मजबूत सामाजिक जुड़ाव और पैदल चलने की आदत
हालांकि लंबी उम्र के इस रहस्य के पीछे अभी तक कोई ठोस जैविक या आनुवंशिक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन वैज्ञानिकों और स्थानीय लोगों ने कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला है. प्रोफेसर पेस के अनुसार, इस गांव के निवासियों में आपसी सामाजिक संबंध और भाईचारा बेहद मजबूत है. लोग हर त्योहार मिलकर मनाते हैं और कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे का सहारा बनते हैं.
इसके अलावा, बोलोटाना के मेयर फ्रांसेस्को मानकोनी का मानना है कि यहां का साफ-सुथरा वातावरण, प्रदूषण की कमी और कीटनाशक रहित ताजा फल-सब्जियों का सेवन इसके मुख्य कारण हैं. इस गांव में गाड़ियों का इस्तेमाल बहुत कम होता है और बुजुर्ग भी रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलना पसंद करते हैं. यही प्राकृतिक और सक्रिय जीवनशैली इस गांव को दुनिया के सबसे सेहतमंद स्थानों में से एक बनाती है.