आंध्र प्रदेश और यानम तट टकराया खतरनाक चक्रवात 'अर्नब', 150 KM/H की रफ्तार से चल रही हैं हवाएं
चक्रवात 'अर्नब' के लैंडफॉल के साथ ही आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का कहर जारी है. 3 उड़ानों के रद्द होने और कई पेड़ उखड़ने की खबर है. आईएमडी ने अगले कुछ घंटों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है.
नई दिल्ली । डेस्क: बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अब आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों से टकरा चुका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बुधवार तड़के चक्रवात के लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो अगले कुछ घंटों तक जारी रहेगी. इस दौरान तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो रही है और 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चल रही हैं, जिनके झोंके 150 किमी प्रति घंटे तक पहुँच रहे हैं.
तूफान की वजह से विशाखापत्तनम समेत कई इलाकों में शुरुआती तबाही देखने को मिल रही है, जहाँ तेज हवाओं के कारण एयू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन के पास बड़े पेड़ उखड़ गए. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में खगोलीय ज्वार से 1.0 से 1.5 मीटर तक ऊँची समुद्री लहरें उठ सकती हैं, जिससे आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भरने की गंभीर संभावना है.
चक्रवात 'अर्नब' के असर को देखते हुए नागर विमानन मंत्रालय (MoCA) ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है. खराब मौसम के कारण आंध्र प्रदेश के तीन प्रमुख हवाई अड्डों पर विमानों का संचालन प्रभावित हुआ है और कई एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं रद्द कर दी हैं. इसके अलावा भुवनेश्वर, हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जाने वाली उड़ानों पर भी इस तूफान का असर पड़ सकता है.
प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है. विशाखापत्तनम और आसपास के क्षेत्रों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को पूरी तरह तैयार रखा गया है.
तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ ही उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा में भारी तबाही का खतरा बना हुआ है.