छत्तीसगढ़ को जल्द मिलेगी पहली राज्य तितली: 'ऑरेंज ओकलीफ' ने जीता ऑनलाइन पोल
छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही 'ऑरेंज ओकलीफ' को राज्य तितली घोषित करने जा रही है. जनता के ऑनलाइन पोल में 3,000 वोट पाकर इस तितली ने पहला स्थान हासिल किया. पंख समेटने पर सूखी पत्ती जैसी दिखने वाली यह तितली पंख खोलते ही अपने गहरे नीले और नारंगी रंगों से हैरान कर देती है.
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ जल्द ही अपने जैव विविधता के खजाने में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. राज्य को अपनी पहली आधिकारिक राज्य तितली मिलने जा रही है, जिसके लिए 'ऑरेंज ओकलीफ' (कौलिमा इनाचस) के नाम पर मुहर लग चुकी है. राज्य वन्यजीव बोर्ड की 15वीं बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर औपचारिक अधिसूचना के लिए राज्य सरकार के पास भेज दिया गया है.
इस तितली का चयन जनता की पसंद के आधार पर किया गया है. 31 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक आयोजित ऑनलाइन वोटिंग में कुल 5,813 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें से अकेले ऑरेंज ओकलीफ को 3,000 वोट मिले.
इस प्रतियोगिता में 'कॉमन बैंडेड पीकॉक' 1,606 वोटों के साथ दूसरे और 'स्पॉट स्वॉर्डटेल' 1,207 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही. विशेषज्ञों की समिति ने पारिस्थितिक महत्व, पहचान में आसानी और राज्य में मौजूदगी जैसे मानकों पर इन तीनों तितलियों को शॉर्टलिस्ट किया था.
ऑरेंज ओकलीफ अपनी अनूठी छलावरण (कैमोफ्लेज) कला के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है. जब इसके पंख बंद होते हैं, तो यह बिल्कुल एक सूखे या मुरझाए हुए पत्ते जैसी दिखाई देती है, जिससे शिकारी इसे पहचान नहीं पाते. वहीं पंख फैलाते ही इसके अंदर का गहरा चमकीला नारंगी, गहरा नीला और जेट-ब्लैक रंग सामने आता है. वर्ष 2025 में हुए एक राज्यव्यापी सर्वे में छत्तीसगढ़ में तितलियों की 201 प्रजातियां दर्ज की गई थीं.
औपचारिक मंजूरी मिलते ही छत्तीसगढ़ देश का ऐसा 9वां राज्य बन जाएगा जिसके पास अपनी आधिकारिक राज्य तितली है. इससे पहले महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, गोवा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश अपनी राज्य तितली घोषित कर चुके हैं. गौर करने वाली बात यह भी है कि मध्य प्रदेश की राज्य तितली भी ऑरेंज ओकलीफ ही है.