छत्तीसगढ़: रायगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने नियमितीकरण और 30 हजार मानदेय की मांग की
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रामलीला मैदान से कलेक्ट्रेट तक विशाल प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने रामलीला मैदान से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली निकाली और शहर के मुख्य रास्तों से गुजरते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया.
आंदोलनकारियों ने प्रमुख रूप से स्थायी नौकरी (नियमितीकरण) दिए जाने की मांग रखी है. उनका कहना है कि जब तक उन्हें नियमित नहीं किया जाता, तब तक श्रम नियमों का पालन करते हुए कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये और सहायिकाओं को 25,500 रुपये प्रतिमाह का भुगतान सुनिश्चित किया जाए. वर्तमान में बढ़ती महंगाई के कारण सीमित मानदेय में परिवार का गुजर-बसर करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. लगभग 51 वर्षों से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के बावजूद वे आज भी कई मौलिक सुविधाओं से दूर हैं.
इसके अतिरिक्त कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक और सहायिकाओं को कार्यकर्ता के पद पर वरिष्ठता के आधार पर बिना किसी आयु सीमा के पदोन्नत करने की बात कही गई है. ज्ञापन में यह भी मांग शामिल है कि मध्यप्रदेश सरकार की तर्ज पर हर साल मानदेय में 1,000 रुपये की वार्षिक वृद्धि की जाए.
सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से प्रदर्शनकारियों ने पेंशन, समूह बीमा, ग्रेच्युटी और पीएफ जैसी सुविधाएं देने की अपील की है.
साथ ही सेवानिवृत्ति के समय कार्यकर्ताओं को 5 लाख रुपये और सहायिकाओं को 3 लाख रुपये का एकमुश्त भुगतान करने तथा किसी कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके परिवार के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का आग्रह किया है.
कार्यकर्ताओं का कहना है कि विभागीय दायित्वों के अलावा उनसे अन्य सरकारी कार्य भी लिए जाते हैं, इसलिए सरकार को उनकी वाजिब मांगों पर तुरंत सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए.