जशपुर: पटवारियों की हड़ताल से राजस्व कार्य प्रभावित
छत्तीसगढ़ के जशपुर में वेतन निर्धारण की विसंगतियों और PV ऐप के माध्यम से 3 दिनों में सत्यापन के दबाव के खिलाफ पटवारी 16 दिनों से हड़ताल पर हैं, जिससे तहसीलों में नामांतरण व सीमांकन ठप है.
जशपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर पटवारियों का आंदोलन लगातार 16वें दिन भी जारी रहा. पटवारी मुख्य रूप से 1 अप्रैल 2017 से लागू 2400 रुपये ग्रेड पे के बाद उत्पन्न वेतन विसंगति को दूर करने और समयमान वेतनमान का नियमानुसार लाभ देने की मांग कर रहे हैं.
संघ का आरोप है कि वेतन निर्धारण में हुई गड़बड़ी के कारण समान सेवा अवधि और योग्यता वाले कर्मचारियों के वेतन में अंतर आ रहा है, जिससे उनके मूल वेतन, महंगाई भत्ते और वार्षिक वेतनवृद्धि पर सीधा असर पड़ रहा है. कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों का स्थायी निराकरण नहीं होता, यह बेमियादी हड़ताल जारी रहेगी.
वेतन विसंगति के अलावा, पीवी ऐप के जरिए जमीन, नक्शा और खसरे का भौतिक सत्यापन तीन दिनों के भीतर पूरा करने के प्रशासनिक दबाव ने भी पटवारियों के असंतोष को बढ़ाया है.
पटवारी संघ का कहना है कि इतने बड़े क्षेत्र का सटीक सत्यापन मात्र तीन दिनों में संभव नहीं है और जल्दबाजी में गलतियां होने का जोखिम बना रहता है.