चक्रवाती तूफान का साया: बस्तर और सुकमा में स्कूल बंद, रायपुर-दुर्ग समेत कई संभागों में अति भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवाती तूफान के असर से छत्तीसगढ़ के मौसम में बड़ा बदलाव आया है. बस्तर संभाग में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, जबकि रायपुर-दुर्ग समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है.
रायपुर । संवादाता: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का व्यापक असर देखने को मिल रहा है, जिसके चलते प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 28 से 31 अक्टूबर तक अलग-अलग जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है.
विशेषकर रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों समेत बिलासपुर के पूर्वी हिस्सों में 29 अक्टूबर को मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है. इस दौरान धमतरी और उसके आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं, जबकि रायपुर जिले में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है.
आबोहवा में आए इस अचानक बदलाव का सबसे ज्यादा असर फिलहाल दक्षिण छत्तीसगढ़ में देखा जा रहा है. बस्तर संभाग के दक्षिणी इलाकों में 28 अक्टूबर की शाम तक 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और अति भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है. वहीं उत्तरी जिलों में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं.
इस संभावित प्राकृतिक आपदा और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 28 अक्टूबर को जगदलपुर, बस्तर और सुकमा जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 30 और 31 अक्टूबर को चक्रवात का प्रभाव राज्य के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों की ओर शिफ्ट होगा. 30 अक्टूबर को बिलासपुर और सरगुजा संभाग के पश्चिमी क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है, जहां बिलासपुर के पास 20 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी.
31 अक्टूबर तक सरगुजा संभाग में हवाओं का वेग घटकर 15 से 20 किमी प्रति घंटे रह जाएगा. लगातार बदलते मौसम और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों से खराब मौसम के समय घरों में सुरक्षित रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है.