ब्राजील: सुप्रीम कोर्ट के बैन के बावजूद देश छोड़कर अमेरिका भागे फ्लैवियो बोल्सोनारो
राष्ट्रपति चुनाव में लूला डा सिल्वा से मिली हार और भ्रष्टाचार जांच के बीच ब्राजील के दक्षिणपंथी सांसद फ्लैवियो बोल्सोनारो देश छोड़कर अमेरिका पहुंच गए हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उनके विदेश जाने पर रोक लगाई थी.
नई दिल्ली । डेस्क: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हार का सामना करने वाले दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लैवियो बोल्सोनारो सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों का उल्लंघन करते हुए देश छोड़कर अमेरिका चले गए हैं. अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के 45 वर्षीय बेटे फ्लैवियो पर सुप्रीम कोर्ट ने देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया था और उन्हें अपने पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद वे गोपनीय तरीके से अमेरिका पहुंचने में कामयाब रहे.
हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने 51.8 प्रतिशत मत हासिल कर फ्लैवियो बोल्सोनारो को पराजित किया था. चुनाव परिणाम आने के बाद से ही फ्लैवियो ने अपनी हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और मतदान के समय में विस्तार को आधार बनाकर नतीजों को रद्द करने की मांग की थी.
हार के साथ ही फ्लैवियो की संसदीय छूट (संसदीय विशेषाधिकार) समाप्त होने वाली है, जिससे उन पर चल रहे भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में कानूनी शिकंजा कसने का खतरा बढ़ गया था.
ब्राजील के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने फ्लैवियो के इस तरह देश छोड़कर जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. अपने 81वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी ब्रासीलिया में बोलते हुए लूला ने इसे बेहद 'शर्मनाक' कदम बताया और कहा कि जो व्यक्ति चुपके से अपना देश छोड़ता है, निश्चित रूप से उसके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ होता है.
वहीं, फ्लैवियो के कैंपेन मैनेजर रोजेरियो मारिन्हो ने इस खबर पर आश्चर्य जताया और कहा कि उन्हें उनके ठिकाने की कोई सटीक जानकारी नहीं है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फ्लैवियो के ब्राजीलियाई और राजनयिक पासपोर्ट रद्द कर दिए गए थे और आधिकारिक रिकॉर्ड में उनके ब्राजील छोड़ने की कोई प्रविष्टि नहीं है.
हालांकि, उनके पास 2023 से इटली की नागरिकता भी है, जिसका इस्तेमाल उन्होंने यात्रा के लिए किया होगा. अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि वह बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी करेगा. दूसरी ओर, ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में विदेशी फंडिंग और सोशल मीडिया में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के आदेश दे दिए हैं.