फ्लैवियो बोलसोनारो का चुनाव में धांधली का दावा, बोले- 'मैं ही हूं ब्राजील का असली राष्ट्रपति-निर्वाचित'
राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को खारिज करते हुए ब्राजीलियाई सीनेटर फ्लैवियो बोलसोनारो अमेरिका पहुंच गए हैं. खुद को 'असली राष्ट्रपति-निर्वाचित' बताने वाले फ्लैवियो ने लूला डा सिल्वा की जीत को चुनावी धोखाधड़ी करार दिया और घोषणा की कि वे विदेश में रहकर ही देश के विपक्ष का नेतृत्व करेंगे.
नई दिल्ली । डेस्क: ब्राजील की राजनीति में उस वक्त नया भूचाल आ गया जब वरिष्ठ सीनेटर फ्लैवियो बोलसोनारो अपने परिवार के साथ देश छोड़कर अमेरिका पहुंच गए. ब्राजील से रवाना होने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा के पुननिर्वाचन को सिरे से खारिज करते हुए खुद को देश का 'सच्चा राष्ट्रपति-निर्वाचित' घोषित कर दिया है.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय और ब्राजील की जनता को संबोधित एक विस्तृत बयान में फ्लैवियो ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम देश से भागना नहीं, बल्कि ब्राजील के लोकतंत्र को बचाने के लिए राजनीतिक शरण लेना है.
फ्लैवियो बोलसोनारो ने 25 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में व्यापक स्तर पर धोखाधड़ी और धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पहले और दूसरे दौर के मतदान के बीच लूला दा सिल्वा को 1 करोड़ से अधिक अतिरिक्त वोट मिले, जो गणितीय रूप से पूरी तरह असंभव है.
इसके अलावा, उन्होंने कुछ मतदान केंद्रों पर वोटिंग का समय बढ़ाए जाने और न्यायिक अधिकारियों पर अपनी सीमाओं से बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाते हुए लूला-अल्क्मिन टिकट को रद्द करने की मांग की है. हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया है, जबकि उनकी अपनी लिबरल पार्टी (PL) ने आधिकारिक चुनावी नतीजों को स्वीकार कर लिया है.
अपने बयान में सीनेटर ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली का समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि ब्राजील में उनके और उनके पिता, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के खिलाफ सुप्रीम फेडरल कोर्ट द्वारा राजनीतिक उत्पीड़न का दौर चलाया जा रहा है.
अपने खिलाफ संभावित गिरफ्तारी, सेंसरशिप और नजरबंदी की आशंकाओं को देखते हुए ही उन्होंने देश छोड़ने का फैसला किया. इतिहास के बड़े नेताओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि विदेश से रहकर भी वे ब्राजील के विपक्ष का नेतृत्व करते रहेंगे और जल्द ही शांतिपूर्ण विरोध की नई रणनीति की घोषणा करेंगे.