रायगढ़ में JSW कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना
रायगढ़ | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 9 गांव के ग्रामीणों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर जेएसडब्ल्यू कंपनी के खिलाफ आंदोलन पर बैठ गए हैं. ग्रामीणों ने आज सुबह से मोर्चा खोलते हुए कंपनी के मुख्य गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा. रायगढ़ जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ग्राम नहरपाली में जेएसडब्ल्यू कंपनी संचालित है.
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी की नीतियां जनविरोधी हैं. ग्रामीण प्रदूषण, रोजगार और सीएसआर फंड के सही उपयोग सहित कई मुद्दों को लेकर नाराज हैं.
आंदोलन में सिंघनपुर, नहरपाली, कुरूभांठा, सलिहाभांठा, लोढ़ाझर, बिलासपुर, रक्सापाली, तिलाईपाली और भूपदेवपुर गांवों के लोग शामिल हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से वे अपनी जायज मांगों को करते आ रहे हैं. पर कंपनी द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
जिसके विरोध में मंगलवार सुबह से ग्रामीण टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए.
उनका कहना है कि कंपनी ने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों को रोजगार देने, प्रदूषण नियंत्रण और गांवों के विकास के लिए सीएसआर फंड खर्च करने जैसे कई वादे किए गए थे, लेकिन अब तक उन्हें नजर अंदाज किया जा रहा है.
इससे पहले भी प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था.
धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
भूपदेवपुर थाना प्रभारी संजय नाग ने बताया कि ग्रामीणों को आंदोलन समाप्त करने के लिए समझाइश दी गई है, लेकिन ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है.
ये हैं सात सूत्रीय मांगें
1. भू-विस्थापितों को आदर्श भू-अधिग्रहण संहिता के तहत स्थायी नौकरी, सेवानिवृत्ति और मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी को नौकरी देने की गारंटी मिले.
2. पूर्व में कंपनी से निकाले गए मजदूरों को बिना शर्त दोबारा काम पर रखा जाए.
3. आदर्श पुनर्वास नीति का सख्ती से पालन किया जाए. विस्थापितों को सभी लाभ दिए जाएं.
4. सिंघनपुर, नहरपाली, सलिहाभांठा सहित नौ गांवों में मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए.
5. प्रदूषण नियंत्रण के तरह धूल, धुआं और डस्ट से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाई जाए.
6. कंपनी द्वारा हड़पी गई WBM सड़कों को मुक्त किया जाए.
7. राजस्व विभाग के निरीक्षण के आधार पर किसानों को फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए.