पाकिस्तान: 200 साल पुराने राम लीला मंदिर को गिराने की साजिश नाकाम
पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में 200 साल पुराने ऐतिहासिक राम लीला मंदिर को व्यावसायिक प्लाजा बनाने के लिए गिराने की कोशिश की गई. हिंदू समुदाय और स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मंदिर को सील कर दिया है.
इस्लामाबाद । डेस्क: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत स्थित डेरा इस्माइल खान जिले में एक करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक राम लीला मंदिर को बचाने के लिए नागरिक समाज और हिंदू समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए. रहीम बाजार क्षेत्र में स्थित इस प्राचीन मंदिर को तोड़कर वहां एक व्यावसायिक प्लाजा बनाने की कोशिश की जा रही थी. हालांकि, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की सतर्कता के कारण इस तोड़फोड़ के काम को मौके पर ही रोक दिया गया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और इवेकुई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने मंदिर परिसर को अपनी कस्टडी में लेकर सील कर दिया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर गिराने पहुंचे एक ठेकेदार ने दावा किया था कि उसे इस निर्माण कार्य का ठेका दिया गया है.
इसके बाद हिंदू अधिकार कार्यकर्ताओं और 'डेरा सिविल सोसाइटी' ने बैठक कर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
यह राम लीला मंदिर ETPB द्वारा सांस्कृतिक विरासत के रूप में चिह्नित की गई 400 संपत्तियों में शामिल है. मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय नेताओं ने मांग की है कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में इस मुद्दे को उठाया जाए और वर्ष 2013 से 2026 के बीच अल्पसंख्यक धार्मिक संपत्तियों की अवैध बिक्री व कब्जों की निष्पक्ष जांच कराई जाए.
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब 'ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान' (HRCP) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन और उनकी ऐतिहासिक संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है.