रवि, 18 अक्टू. 2026

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यह लंबी लड़ाई है, पीछे हटने का सवाल ही नहीं- अभिजीत दीपके

पुलिसिया कार्रवाई और हालिया गिरफ़्तारियों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ़ किया है कि उनका आंदोलन थमेगा नहीं. उन्होंने इसे एक लंबी लड़ाई बताते हुए कहा कि वह अपने सहयोगियों की रिहाई का इंतज़ार कर रहे हैं, जिसके बाद आगे का रास्ता तय किया जाएगा.

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18 अक्टू. 2026, 08:54 PM 3 मिनट में पढ़ें 79

अभइजीत दीपके
अभइजीत दीपके

नई दिल्ली । डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को पुलिस द्वारा की गई गिरफ़्तारी और हिरासत की कार्रवाइयों पर कड़ा ऐतराज जताया है. दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार की जा रही ये कार्रवाइयाँ उनके समूह से जुड़े लोगों को डराने और दबाने के उद्देश्य से की जा रही हैं. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वे इन हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं और अपनी मुहिम को लगातार जारी रखेंगे.

सहयोगियों की रिहाई के बाद तय होगी रणनीति

अभिजीत दीपके ने बताया कि उनके प्रमुख सहयोगी सौरव दास और आशुतोष रांका (आशु) की रिहाई के बाद पार्टी के सभी सदस्य एक साथ बैठेंगे और मौजूदा स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों सहयोगियों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा. दीपके ने कहा, "यह एक लंबी और विचारधारत्मक लड़ाई है, जिसके लिए हम पूरी तरह तैयार हैं. पिछले कुछ दिनों में जो गैर-कानूनी गिरफ़्तारियाँ देखने को मिली हैं, वे हमें डराने की कोशिश भर हैं, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे."

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कानूनी सलाह के लिए वकील से मुलाकात

इस पूरे मामले में कानूनी रास्ता अपनाने के संकेत देते हुए दीपके ने बताया कि वे इस विषय पर वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर से मिलने जा रहे हैं, ताकि कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जा सके.

शांति बांड के उल्लंघन का आरोप

इससे पहले, शनिवार को अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया था. पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई की थी. दिल्ली पुलिस का दावा है कि दीपके ने 10 अक्टूबर को जमा किए गए शांति बांड का उल्लंघन किया था. हालांकि, नया बांड भरने के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया.

प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए थे दीपके

उल्लेखनीय है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद दीपके से एक साल तक शांति बनाए रखने का शपथ पत्र लिया गया था. इसके बाद, शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास से निकलते समय पुलिस ने उन्हें फिर हिरासत में ले लिया. दीपके कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. पुलिस ने इस कार्रवाई के पीछे धारा 163 लागू होने, यातायात बाधित होने और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था.

कानूनी सलाहकार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

सीजेपी की लीगल अफेयर्स प्रमुख रत्ना सिंह ने इस पूरी पुलिसिया कार्रवाई की वैधानिकता पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि लोगों से तिरंगा फहराने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने की अपील करना किसी भी स्थिति में आपराधिक कृत्य नहीं माना जा सकता. उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट से दीपके की तुरंत और गैर-शर्त रिहाई की मांग की थी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP