'लहरा दो तिरंगा' मार्च पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई: अभिजीत दीपके और नेहा बोरा हिरासत में
देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को उस वक्त राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां तेज हो गईं, जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' अभियान को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली.
नई दिल्ली । डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को उस वक्त राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां तेज हो गईं, जब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' अभियान को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली. नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजामों, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने और व्यापक पुलिस बल की तैनाती के बावजूद राजधानी के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अचानक फ्लैश प्रोटेक्ट शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रमुख नेहा बोरा समेत कई छात्र नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
अभिजीत दीपके को झंडा फहराने से पहले घर से लिया गया हिरासत में
शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने का कार्यक्रम तय था. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने आयोजन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था और सुबह से ही अभिजीत दीपके के झंडेवालान स्थित आवास पर 20 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे. पुलिस ने उन्हें एक आधिकारिक नोटिस थमाया, जिसमें स्पष्ट लिखा गया था कि इस जमावड़े से जनजीवन, व्यापार और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
इसके बावजूद जब अभिजीत दीपके अपने घर से निकलकर प्रदर्शन स्थल की ओर जाने लगे, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले दीपके ने कहा कि वे अकेले पैदल जा रहे हैं और किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं, फिर भी उन्हें रोका जा रहा है. CJP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस पूरी घटना का वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार राष्ट्रीय ध्वज थामने वाले युवाओं से डर रही है.
नेहा बोरा का मंडी हाउस से आह्वान और गिरफ्तारी
कनॉट प्लेस में पुलिस की सख्त नाकेबंदी के बीच AISA प्रमुख और एक्टिविस्ट नेहा बोरा ने मोर्चा संभाला. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता और छात्रों से मंडी हाउस पर एकत्र होने की अपील की. नेहा बोरा ने कहा कि जंतर-मंतर केवल एक जगह नहीं बल्कि जनता के प्रतिरोध का प्रतीक है और अब पूरी मध्य दिल्ली जंतर-मंतर बन चुकी है.
जैसे ही नेहा बोरा और AISA के कार्यकर्ता मंडी हाउस पर एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच हल्की धक्का-मुक्की और बहस भी हुई. पुलिस ने नेहा बोरा को भी हिरासत में ले लिया. नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके साथियों ने आरोप लगाया कि उन्हें अकेले किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और उनका फोन भी छीन लिया गया है. AISA समर्थकों ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया.
कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में गूंजे देशभक्ति के नारे
पुलिस की तमाम पाबंदियों और सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के बावजूद कई प्रदर्शनकारी छोटे-छोटे समूहों में कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने में कामयाब रहे. हाथों में तिरंगा थामे युवाओं ने 'जय हिंद', 'लहरा दो तिरंगा' और 'युवा एकता जिंदाबाद' के नारे लगाए. कई जगहों पर लोगों ने राष्ट्रगान भी गाया और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए राष्ट्रीय ध्वज के साथ तस्वीरें खिंचवाईं.
CJP ने समर्थकों से अपील की थी कि वे पांच से कम के समूहों में आएं, झंडा फहराएं, फोटो लें और वहां से हट जाएं. कनॉट प्लेस के अलावा मंडी हाउस क्षेत्र में एकत्र हुए छात्रों ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और हालिया चुनाव सुधार संबंधी कानूनों के खिलाफ भी जोरदार नारेबाजी की.
दिल्ली पुलिस का रुख और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम
दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा ढांचा तैयार किया था. पूरी मध्य दिल्ली में 6,000 से अधिक पुलिस कर्मियों और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की 220 कंपनियों को तैनात किया गया था. रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने कनॉट प्लेस के आसपास फ्लैग मार्च किया. न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए सेंट्रल पार्क को शुक्रवार और शनिवार के लिए पूरी तरह बंद कर दिया था.
पुलिस प्रशासन ने बताया कि कनॉट प्लेस एक संवेदनशील और व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है, जहां रोजाना लाखों यात्री और व्यापारी आते हैं. राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर भी भारी भीड़ रहती है, ऐसे में किसी भी अनधिकृत सभा से भगदड़, गंभीर ट्रैफिक जाम और आपातकालीन सेवाओं में बाधा उत्पन्न होने का खतरा था. पुलिस के अनुसार, अमित सैनी बनाम पुलिस आयुक्त मामले में उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के तहत बिना पूर्व अनुमति के ऐसे विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती. पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज संहिता (Flag Code) का पालन सभी के लिए अनिवार्य है.
विपक्षी नेताओं का समर्थन और सरकार पर तीखे हमले
इस पूरी घटनाक्रम के बाद देश भर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिजीत दीपके और अन्य युवाओं की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्रवाई देश में 'अघोषित आपातकाल' जैसी स्थिति को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की आवाज को इस तरह के दमन से नहीं दबाया जा सकता और वे लोकतंत्र तथा मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदर्शनकारियों के साथ मजबूती से खड़ी हैं.
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी अभियान का खुला समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अपनी ही आजादी के देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराना कोई अपराध नहीं है. AAP कार्यकर्ताओं ने मध्य दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा लहराया और राष्ट्रपति भवन तथा संसद के समक्ष भी विशाल तिरंगा प्रदर्शित किया. इसके साथ ही, माकपा (CPI-M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास भी दिल्ली की सड़कों पर तिरंगा मार्च में शामिल हुए और विरोध प्रदर्शनों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों पर सवाल उठाए.
मुंबई के आजाद मैदान में भी विरोध की गूंज
दिल्ली में हुई कार्रवाई का असर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी देखने को मिला. मुंबई के आजाद मैदान में CJP के कार्यकर्ताओं ने अनुमति लेकर 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन आयोजित किया. इस विरोध सभा में सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया और MNS नेता संदीप देशपांडे समेत कई हस्तियां शामिल हुईं. वक्ताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा.
दिल्ली के इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजधानी में सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के अधिकार, सुरक्षा चिंताओं और नागरिक स्वतंत्रताओं के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे मध्य दिल्ली इलाके में फिलहाल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और गश्त बढ़ा दी गई है.