SC ने महुआ मोइत्रा को नादिया दौरे से एक दिन पहले प्रशासन को सूचना देने कहा
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पश्चिम बंगाल के नादिया जिला दौरे से कम से कम एक दिन पहले जिला प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया है.
नई दिल्ली । डेस्क: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पश्चिम बंगाल के नादिया जिला दौरे से कम से कम एक दिन पहले जिला प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया है. जिससे प्रोटोकॉल के तहत उनके ठहरने और अन्य आवश्यक इंतजाम किए जा सकें. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने टिप्पणी की कि ऐसे छोटे-मोटे विवादों के लिए अदालत आने की जरूरत नहीं है और इस तरह के मामलों के निपटाने के लिए एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाई जानी चाहिए.
यह मामला नादिया जिला प्रशासन के 1 सितंबर के उस परिपत्र (सर्कुलर) से जुड़ा है, जिसमें सांसदों और विधायकों से अपने दौरे की पूर्व सूचना तीन से चार दिन पहले देने को कहा गया था. कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि यह सर्कुलर उन्हें निशाना बनाने के उद्देश्य से लाया गया है और अगस्त महीने में उन्हें सरकारी सर्किट हाउस से जबरन बेदखल करने की कोशिश की गई थी.
सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इन आरोपों का खंडन करते हुए अदालत को आश्वस्त किया कि 1 सितंबर के सर्कुलर को लागू नहीं किया जाएगा. वहीं, मोइत्रा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने तर्क दिया कि प्रोटोकॉल के मुताबिक सांसद का दर्जा मुख्य सचिव से ऊपर होता है और सर्किट हाउस में कमरों का आवंटन इसी नियम के तहत होना चाहिए.
कोर्ट ने सांसद द्वारा उठाए गए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत विकास परियोजनाओं में प्रशासन की कथित असहयोग की शिकायत पर भी विचार किया. शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है और यदि वे बाद में भी व्यथित रहती हैं, तो वे संबंधित उच्च न्यायालय का रुख कर सकती हैं.