ईरान में स्टारलिंक पर सख्त पाबंदी, बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये खतरा
तेहरान । डेस्क: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच ईरानी अधिकारियों ने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा 'स्टारलिंक' के खिलाफ जारी अभियानों को और तेज करने का ऐलान किया है. राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए तेहरान ने देश में स्टारलिंक के इस्तेमाल और वितरण पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं, लेकिन युद्ध के दौरान वैश्विक इंटरनेट तक लोगों की पहुंच रोकने के लिए अब सरकार नए तकनीकी और कानूनी कदम उठा रही है.
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्टारलिंक को बताया बड़ा खतरा
ईरान की सुप्रीम नेशनल साइबरस्पेस काउंसिल के सचिव मोहम्मद अमीन अघामिरी ने स्टारलिंक को विरोधियों का "युद्ध उपकरण" करार दिया है. अधिकारियों के मुताबिक, इस सेवा का इस्तेमाल जासूसी और सूचनाएं जुटाने के लिए किया जा रहा है. सरकार का दावा है कि उनके पास स्टारलिंक सैटेलाइट टर्मिनलों के सिग्नलों को काटने और उन्हें पूरी तरह से निष्क्रिय करने की तकनीक मौजूद है.
कड़े कानून और सजा का प्रावधान
ईरान में स्टारलिंक टर्मिनलों के इस्तेमाल या उन्हें अपने पास रखने पर छह महीने से दो साल तक की जेल की सजा तय की गई है. वहीं, इन उपकरणों के आयात और वितरण में शामिल लोगों को पांच साल तक की कैद भुगतनी पड़ सकती है. यदि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा या जासूसी के आरोपों से जुड़ जाता है, तो दोषियों को मृत्युदंड देने तक का कानून मौजूद है.
तकनीकी अड़चनें और भौतिक जब्ती
इंटरनेट विशेषज्ञों के अनुसार, ईरानी अधिकारी स्टारलिंक कनेक्शन को बाधित करने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपना रहे हैं. इसमें सिग्नल जाम करने वाले मल्टीपल जैमर्स का उपयोग, नए डिवाइसों को भ्रमित करने के लिए फर्जी जीपीएस लोकेशन्स (स्पूफिंग) और स्थानीय अनुप्रयोगों से जुड़ने वाले आईपी एड्रेस की ट्रैकिंग शामिल है. इसके अलावा, गश्ती दलों और ड्रोन सर्च अभियानों के जरिये स्टारलिंक टर्मिनलों को physically जब्त करने की कोशिशें भी जारी हैं.
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक दबाव
तेहरान केवल तकनीकी मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्टारलिंक को रोकने की कोशिश में जुटा है. ईरान 2023 से इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के जरिए अमेरिका और नॉर्वे पर दबाव बना रहा है ताकि अवैध सैटेलाइट प्रसारणों को रोका जा सके. हाल ही में ईरान के विदेश मंत्रालय ने तेहरान में नॉर्वे के राजदूत को तलब कर अनधिकृत स्टारलिंक उड़ानों पर कार्रवाई न करने का कड़ा विरोध जताया.
भविष्य में और ज्यादा डिजिटल पाबंदियों की आशंका
ईरान में इस वर्ष व्यापक राज्य-प्रायोजित इंटरनेट ब्लैकआउट देखने को मिले हैं. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि स्टारलिंक जैसी सेवाएं सरकारी नियंत्रण के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं. सरकार का कहना है कि सुरक्षा और डेटाबेस को साइबर हमलों से बचाने के लिए आने वाले समय में इंटरनेट की गति को धीमा किया जा सकता है या और सख्त पाबंदियां लगाई जा सकती हैं. आम नागरिक इस डिजिटल नाकेबंदी से बचने के लिए वीपीएन का सहारा ले रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही सख्तियों के कारण वैश्विक इंटरनेट तक पहुंचना बेहद कठिन होता जा रहा है.