सौरभ राजपूत हत्याकांड: पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को फांसी की सजा
मेरठ । डेस्क: मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की जघन्य हत्या के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. स्पेशल जज अरविंद कुमार मिश्रा की कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार देते हुए यह कठोर सजा दी.
अदालत ने अपने फैसले में महाभारत के संदर्भ का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की कि न्याय का तकाजा यही है कि सजा अपराध की गंभीरता के अनुपात में दी जाए. फांसी के अलावा दोनों दोषियों पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
मार्च 2025 में हुए इस खौफनाक घटनाक्रम ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. लंदन से लौटे सौरभ राजपूत की गुमशुदगी के बाद जब पुलिस जांच करने उनके घर पहुंची, तो उनकी छह साल की मासूम बेटी ने उस स्थान की तरफ इशारा किया जहां नीले रंग का एक प्लास्टिक ड्रम रखा था.
जब औद्योगिक उपकरणों की मदद से सीमेंट और रेत से सील किए गए ड्रम को काटा गया, तो उसमें से सौरभ का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. जांच में सामने आया कि मुस्कान और साहिल ने पहले सौरभ को नशीला पदार्थ दिया, फिर चाकू से गोदकर हत्या कर दी और शव के टुकड़े कर ड्रम में बंद कर दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों बेफिक्र होकर हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे.
मई 2025 में पुलिस द्वारा दाखिल की गई करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट, फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और 22 अभियोजन गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने 100 से अधिक सुनवाइयों के बाद यह फैसला सुनाया.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए दोनों दोषी फैसला सुनते ही रो पड़े, जबकि अदालत परिसर में वकीलों ने मिठाइयां बांटीं. उल्लेखनीय है कि अपराध के समय गर्भवती रही मुस्कान ने जेल में रहते हुए एक बेटी को जन्म दिया है.
सौरभ राजपूत हत्याकांड- 'नीला ड्रम कांड'
सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे 'नीला ड्रम कांड' के नाम से भी जाना जाता है, देश के सबसे खौफनाक अपराधों में से एक माना जाता है. मूल रूप से मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के निवासी 35 वर्षीय सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे और बाद में लंदन में सेल्स मैनेजर के पद पर काम कर रहे थे. उन्होंने 2016 में मुस्कान रस्तोगी के साथ लव मैरिज की थी, और दोनों की एक छह साल की बेटी पीहू भी है.
लंदन में सौरभ की मौजूदगी के दौरान मेरठ में रह रही उनकी पत्नी मुस्कान की मुलाकात अपने पुराने स्कूली दोस्त साहिल शुक्ला उर्फ मोहित से हुई. दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया और उन्होंने सौरभ को अपने रास्ते से हटाने की साजिश रची.
सौरभ 24 फरवरी 2025 को पत्नी मुस्कान का जन्मदिन और बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए लंदन से मेरठ वापस लौटे थे. 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की गोलियां मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया. इसके बाद मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ के सीने पर चाकू से कई वार किए. हत्या के बाद पहचान और साक्ष्य छिपाने की नीयत से आरोपियों ने लाश के कई टुकड़े कर दिए और उन्हें घर में रखे एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में भरकर ऊपर से रेत, सीमेंट व कंक्रीट का घोल डालकर पूरी तरह सील कर दिया.
हत्या के अगले ही दिन यानी 4 मार्च को आरोपी मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़ प्रेमी साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने चली गई, जहां उन्होंने जन्मदिन भी मनाया. सौरभ के अचानक गायब होने पर जब परिजनों ने संपर्क करने की कोशिश की, तो मुस्कान ने सौरभ के मोबाइल से फर्जी मैसेज भेजकर परिजनों को गुमराह करने का प्रयास किया.
शंका होने पर परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जब पुलिस जांच के लिए घर पहुंची, तो दंपति की छह साल की मासूम बेटी ने नीले ड्रम की ओर इशारा किया. पुलिस ने कटर और औद्योगिक औजारों से सीमेंट को काटकर ड्रम खोला, तो उसमें से सौरभ का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया.
मई 2025 में पुलिस ने अदालत में करीब 1,000 पृष्ठों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की. मुकदमे की सुनवाई 126 पेशियों तक चली, जिसमें फॉरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और कुल 22 अभियोजन गवाहों के बयान दर्ज किए गए. अंततः मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी ठहराया और 14 अक्टूबर 2026 को मृत्युदंड की सजा सुनाई.