देश में बांग्लादेश जैसी तख्तापलट की साजिश- रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
लखनऊ में एक पत्रकार वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर देश के भीतर गंभीर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
लखनऊ । डेस्क: लखनऊ में एक पत्रकार वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर देश के भीतर गंभीर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के विरोध के नाम पर विपक्ष भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर तख्तापलट और सरकार बदलने की साजिश रच रहा है. रक्षामंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश के युवाओं को वास्तविक चुनावी सुधारों से भटकाकर राजनीतिक टकराव और अराजकता के रास्ते पर धकेलने का काम कर रहे हैं. संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार हो रहे हमलों को उन्होंने कांग्रेस का “चौथा अक्षम्य अपराध” करार दिया.
बांग्लादेश तर्ज पर तख्तापलट का प्रयास और युवाओं को मोहरा बनाने का आरोप
रक्षामंत्री ने कहा कि दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन की आड़ में देश में अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व खुले तौर पर बांग्लादेश के घटनाक्रम से प्रेरणा लेने की बात कह रहे हैं और देश में अराजकता के जरिए सत्ता हथियाने का सपना देख रहे हैं. सिंह के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह देश को अराजकता की आग में झोंकने का एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है.
चुनाव आयोग पर उठते सवाल और गहराता राजनीतिक घमासान
राजनाथ सिंह की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की नीतियों और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वहीं, भारतीय जनता पार्टी इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए विपक्षी दलों पर जनता का भरोसा संवैधानिक संस्थाओं से उठाने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगा रही है.
ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला: कांग्रेस के ‘चार अक्षम्य अपराध’
कांग्रेस के इतिहास पर हमला बोलते हुए रक्षामंत्री ने देश के तीन प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख किया. उन्होंने 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया आपातकाल, 1984 के सिख विरोधी दंगे और 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग को कांग्रेस के तीन बड़े अपराध बताए. उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की साख को ठेस पहुंचाना कांग्रेस का चौथा बड़ा अपराध है. राजनाथ सिंह ने कहा कि 1975 में लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डाला गया था और आज राहुल गांधी जेब में संविधान लेकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
राहुल गांधी को जनादेश का सम्मान करने और आत्मचिंतन की सलाह
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर विध्वंस की राजनीति बंद होनी चाहिए. उन्होंने राहुल गांधी को सुझाव दिया कि उन्हें देश की जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्मचिंतन करना चाहिए. रक्षामंत्री ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और विकास यात्रा की बलि नहीं दी जा सकती.