रवि, 18 अक्टू. 2026

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वाराणसी रामलीला में उग्र हाथी ने महावत को पटककर किया गंभीर घायल

काशी की प्रसिद्ध रामनगर रामलीला में एक हाथी अचानक उग्र हो गया. महावत पर जानलेवा हमला करने और भारी तबाही मचाने के बाद पुलिस व NDRF की टीमें मौके पर मोर्चा संभाले हुए हैं.

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18 अक्टू. 2026, 07:43 PM 2 मिनट में पढ़ें 81

हाथी उग्र हुआ- वाराणसी
हाथी उग्र हुआ- वाराणसी

वाराणसी । डेस्क: सांस्कृतिक नगरी वाराणसी के ऐतिहासिक रामनगर इलाके में चल रही प्रसिद्ध रामलीला के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां मौजूद एक हाथी अचानक भड़क उठा. आजमगढ़ से लाए गए इस हाथी ने अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए आसपास की दुकानों, दीवारों और बिजली के पोल को तहस-नहस करना शुरू कर दिया. 

इस तबाही के दौरान जब महावत छापलू ने उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया, तो हाथी ने उसे अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और कुचलने की कोशिश की. गंभीर रूप से घायल महावत को अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उसके शरीर पर 50 टांके लगे हैं.

यह खौफनाक घटना रविवार सुबह करीब 10:30 बजे पंचवटी मैदान में घटी, जब महावत तीन हाथियों को भोजन देने की तैयारी कर रहा था. पंचवटी मैदान, जो काशी विश्वनाथ मंदिर से लगभग 10 किलोमीटर और जिला मुख्यालय से 17 किलोमीटर दूर स्थित है, में रामलीला के कलाकारों और हाथियों के रहने की व्यवस्था की जाती है. 

इसी परंपरा के तहत काशी नरेश के सुपुत्र भी इसी हाथी पर विराजमान होकर करीब 200 साल पुरानी इस भव्य रामलीला का अवलोकन करते हैं. हालांकि, रविवार को भगवान राम और रावण के युद्ध का मुख्य मंचन होना था, लेकिन इस आकस्मिक घटना के कारण कार्यक्रम का आयोजन फिलहाल अटक गया है.

हाथी के भड़कने और मैदान से निकलकर मुख्य सड़क की तरफ भागने के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 2 किलोमीटर के पूरे दायरे को सील कर मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है. 

इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर पूरे रामनगर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है. स्थानीय एसीपी लगातार लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर आम जनता को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दे रहे हैं.

वर्तमान में वन विभाग, एनडीआरएफ और पुलिस बल समेत 200 से अधिक कर्मियों की संयुक्त टीम विशालकाय जीव को नियंत्रित करने की कोशिशों में जुटी हुई है. चंदौली के डीएफओ बी. शिवशंकर के अनुसार, स्थानीय वन्यजीव अभयारण्य में बड़े जानवरों के लिए व्यापक व्यवस्था न होने के कारण हाथी को वश में करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. 

इसके समाधान के लिए गोरखपुर चिड़ियाघर से विशेष 'जाइलाजीन' इंजेक्शन मंगवाया गया है. यह एक उच्च प्रभाव वाली सेडेटिव दवा है, जिसका उपयोग प्रशिक्षित विशेषज्ञों की देखरेख में बड़े वन्यजीवों को शांत अथवा बेहोश करने के लिए किया जाता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP