सखी सेंटर में मूक-बधिर युवती की संदिग्ध मौत, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
जशपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सरकारी संरक्षण के बीच एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. कुनकुरी थाना क्षेत्र में यौन उत्पीड़न के प्रयास की शिकार हुई एक 18 वर्षीय मूक-बधिर युवती की सरकारी देखरेख के दौरान रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई. पीड़िता की सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित जशपुर के सखी सेंटर के पास थी.
इस गंभीर घटनाक्रम के बाद जिला कलेक्टर ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए 2 जून को मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं. फिलहाल मृतका की पहचान उजागर नहीं हो पाई है.
इस पूरे मामले में प्रशासनिक और चिकित्सकीय स्तर पर बड़ी लापरवाही की बात सामने आ रही है. नियमों के मुताबिक सखी सेंटर में किसी को सामान्यतः 5 दिन और कलेक्टर की विशेष अनुमति से अधिकतम 25 दिन ही रखा जा सकता है, लेकिन इस पीड़िता को बिना किसी स्पष्ट आधार के 45 दिनों से भी अधिक समय तक वहां रखा गया.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 19 मई को सखी सेंटर के प्रबंधन द्वारा युवती को अत्यंत नाजुक हालत में जिला अस्पताल लाया गया था, मगर डॉक्टरों की जांच से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया.
इसके बाद जब शव का पोस्टमार्टम किया गया, तो मृतका के निजी अंगों से आलपिन का हिस्सा और एक बोतल का कॉक बरामद हुआ, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
इस घटना की पृष्ठभूमि अप्रैल महीने से जुड़ी है, जब 3 अप्रैल को कुनकुरी इलाके में इस बेसहारा मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई थी. उस दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और उचित देखभाल के लिए युवती को सखी सेंटर भेजा था.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा के मुताबिक, सेंटर में रहने के दौरान पीड़िता को पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद अस्पताल में उसका प्राथमिक इलाज कर उसे वापस भेज दिया गया था.
अब मौत की असली वजहों का खुलासा करने के लिए मृतका के विसरा और शरीर के जरूरी अंगों के नमूनों को जांच के लिए अंबिकापुर भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी.