100 प्रतिशत इथेनॉल वाहनों की अनुमति पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा सवाल- कैसे होगी आपूर्ति
फ्लेक्स-फ्यूल और E100 वाहनों की अनुमति को लेकर सुप्रीम COURT ने केंद्र से आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाया और किसानों के हित तथा जनहित के मुद्दों पर बल दिया.
नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि जब 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाले वाहनों को अनुमति दे दी गई है, तो ईंधन की आपूर्ति किस प्रकार की जाएगी. न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने इथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 के लिए इथेनॉल आवंटन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की.
अदालत ने हालिया मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए पूछा कि यदि 100 प्रतिशत इथेनॉल संचालित वाहनों को अनुमति मिलती है, तो इसकी आपूर्ति कैसे होगी.
इसके जवाब में अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि इसके लिए बड़े पैमाने पर विनिर्माण पुनर्व्यवस्था की आवश्यकता होगी. सुनवाई के दौरान पीठ ने देश के किसानों को सशक्त बनाने, जनहित और पर्यावरण के दृष्टिकोण पर विशेष जोर दिया. पीठ ने कहा कि गांवों में रहने वाले आम आदमी और किसानों को सशक्त बनाने की जरूरत है.
उल्लेखनीय है कि सड़क परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में संशोधन की अधिसूचना जारी कर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को अनुमति दी है, जो E100 (लगभग शुद्ध इथेनॉल) तक पर चल सकते हैं.
दूसरी ओर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पचौरी (हरदीप सिंह पूरी) के अनुसार, पेट्रोल में इथेनॉल सम्मिश्रण को वर्तमान 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की केंद्र की कोई तात्कालिक योजना नहीं है.
शीर्ष अदालत ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के एक आदेश पर यथास्थिति का आदेश दिया था, जिसमें इथेनॉल आवंटन बढ़ाने का निर्देश दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने के लिए तय की है.