बांग्लादेश: शेख हसीना के देश छोड़ने का वीडियो बनाने वाले पूर्व वायु सेना अधिकारी का शव बरामद
बांग्लादेश के पूर्व वायु सेना अधिकारी KM तहसीफ सूरी, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने का वीडियो बनाया था, का शव तुराग नदी से बरामद हुआ है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
नई दिल्ली । डेस्क: बांग्लादेश की राजधानी में तुराग नदी से पूर्व वायु सेना फ्लाइट लेफ्टिनेंट KM तहसीफ सूरी का शव बरामद किया गया है. लापता होने के एक दिन बाद गुरुवार को पुलिस ने यह जानकारी दी. सूरी की उम्र 20 वर्ष के आसपास थी. स्थानीय मीडिया के अनुसार, उन्होंने 5 अगस्त 2024 को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वायु सेना के विमान से बांग्लादेश छोड़कर जाने का एक वीडियो बनाया था.
टोंगी रिवर पुलिस चौकी के अधिकारी फिरोज उद्दीन ने बताया कि बुधवार दोपहर सूचना मिलने के बाद तुराग नदी के राजाबारी घाट इलाके से शव बरामद किया गया. मृतक ने सफेद पैंट और काली शर्ट पहनी हुई थी. शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है. जब पुलिस अधिकारी से पूछा गया कि क्या शरीर पर चोट के कोई निशान थे, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज किया.
डेली स्टार अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, शव के पास मिले एक फोन और कलाई घड़ी की मदद से उनकी पहचान स्थापित की गई.
गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने इस बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या यह घटना पूर्व प्रधानमंत्री के जाने का वीडियो जारी होने से जुड़ी किसी दुश्मनी का नतीजा हो सकती है. उन्होंने कहा कि जब तक शुरुआती जांच नहीं हो जाती, वह इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूरी जानकारी मिलने के बाद ही इस पर कुछ बोला जाएगा.
बांग्ला अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, सूरी ने मंगलवार को पूरा दिन अपनी मां के साथ खरीदारी में बिताया था. शाम को एक दोस्त का फोन आने के बाद वह घर से निकले थे. रात में उन्होंने अपनी मां को संदेश भेजा था कि वह घर लौट रहे हैं, लेकिन वह वापस नहीं लौटे. सूरी को अगस्त 2024 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था और वह कथित तौर पर खुफिया निगरानी में थे.
जुलाई में एक सोशल मीडिया पॉडकास्ट के दौरान जब सूरी से पूछा गया था कि क्या उन्होंने हसीना के जाने का वीडियो बनाने के कारण अपनी नौकरी गंवाई, तो उन्होंने संक्षेप में जवाब दिया था कि ऐसा हो सकता है. वहीं, पिछले साल अगस्त में जारी एक बयान में सेना ने कहा था कि सूरी को बिना किसी आरोप के और अलग परिस्थितियों के तहत संस्थागत नियमों के अनुसार सेवानिवृत्त किया गया था.