छत्तीसगढ़ में 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक सुरक्षित
रायपुर । संवाददाता: आगामी खरीफ बुआई सीजन को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के किसानों को बिना किसी रुकावट के खाद और उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आयातित खादों की आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही एक ठोस आकस्मिक योजना तैयार कर ली है.
कृषि विभाग के अनुसार, वर्तमान में राज्य के विभिन्न गोदामों, सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों में लगभग 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. इसके अलावा, केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के खरीफ सीजन के लिए छत्तीसगढ़ को कुल 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद आवंटित की है, जिसमें 7.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3 लाख मीट्रिक टन डीएपी (DAP), 2.5 लाख मीट्रिक टन एनपीके (NPK), 2 लाख मीट्रिक टन एसएसपी (SSP) और 80,000 मीट्रिक टन एमओपी (MOP) शामिल है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस संबंध में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि भंडारण, परिवहन और वितरण की व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए ताकि किसी भी किसान को खेती के इस महत्वपूर्ण समय में परेशानी का सामना न करना पड़े. कृषि निदेशक राहुल देव ने बताया कि राज्य में अतिरिक्त स्टॉक का आना लगातार जारी है.
१ जून की स्थिति के अनुसार रायपुर के तिल्दा, महासमुंद के बेलसोंडा, रायगढ़ के खरसिया और बालोद के रेलहेड्स के माध्यम से लगभग 6,600 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया छत्तीसगढ़ पहुँच रहा है. जिला स्तर पर खाद की स्थिति काफी मजबूत है. बस्तर में 29,719 मीट्रिक टन, राजनांदगांव में 42,000 मीट्रिक टन से अधिक और बिलासपुर में 46,700 मीट्रिक टन से अधिक का स्टॉक जमा हो चुका है.
वहीं रायपुर की सहकारी समितियों में वर्तमान में 9,100 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और 3,000 मीट्रिक टन से अधिक डीएपी उपलब्ध है. खाद के न्यायसंगत वितरण के लिए सरकार ने इस बार जमीन के आकार के आधार पर चरणबद्ध प्रणाली लागू की है, जिसके तहत 2.5 एकड़ तक के सीमांत किसानों को उनकी जरूरत का यूरिया एक ही बार में मिल जाएगा, जबकि बड़े किसानों को यह किस्तों में दिया जाएगा.
खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सरकार ने इसकी कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध वितरण पर भी पूरी तरह से नकेल कस दी है. कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने साफ किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने हाल ही में कोरिया जिले के जिल्दा सहकारी समिति के प्रबंधक के खिलाफ भंडारण में अनियमितता पाए जाने पर दर्ज हुई प्राथमिकी (FIR) और शुरू की गई विभागीय जांच का हवाला देते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार इस सीजन में पारंपरिक खादों के साथ-साथ नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसी संतुलित पोषण प्रबंधन तकनीकों को भी बढ़ावा दे रही है. कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को इसके फायदों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नैनो खादों का उपयोग पूरी तरह से स्वैच्छिक है और इसका निर्णय किसान अपनी इच्छा के अनुसार ले सकते हैं.