‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ में शामिल जवानों के शाह ने किया सम्मानित
रायपुर | संवाददाताः केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजी और कोबरा के जवानों से नई दिल्ली में मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे.
कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर 21 दिनों तक चले सबसे लंबे नक्सल ऑपरेशन पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ जवानों के शौर्य और पराक्रम के स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा. यह सफलता न केवल सुरक्षा के मोर्चे पर बल्कि विकास और शांति की दिशा में भी मील का पत्थर है.
उन्होंने कहा कि गर्मी, ऊंचाई और हर कदम पर आईईडी के खतरों के बावजूद सुरक्षा बलों का हौसला बुलंद था. इसी का परिणाम है कि जवानों ने माओवादियों के कई बेस कैंप को समाप्त किया है. कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर बने माओवादियों के मैटीरियल डंप और सप्लाई चेन को छत्तीसगढ़ पुलिस, सीआरपीएफ, डीआरजी और कोबरा के जवानों ने पराक्रम से नष्ट कर दिया.
उन्होंने कहा कि हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक सभी माओवादी या तो आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएं या समाप्त न हो जाएं. उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाकर ही रहेंगे.
अमित शाह ने कहा कि माओवादियों ने देश के सबसे कम विकसित क्षेत्रों को बहुत नुकसान पहुंचाया है. स्कूल और अस्पताल बंद कर दिए और सरकारी योजनाओं को स्थानीय लोगों तक पहुंचने नहीं दिया. नक्सल विरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है.
शाह ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाने वाले सुरक्षा बलों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.