राजनांदगांव: डॉक्टर अमोलक जैन को छह माह की जेल
राजनांदगांव । संवाददाता: राजनांदगांव के चर्चित तुलसी नर्सिंग होम हादसा मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए संचालक डॉ. अमोलक जैन को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) विजय कुमार साहू ने मामले की सुनवाई और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर डॉक्टर को लापरवाही का दोषी पाया. हालांकि, साक्ष्यों के अभाव में सह-आरोपी और उनकी पत्नी डॉ. विजयाश्री जैन को कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है.
यह पूरी घटना दिसंबर 2020 की है, जब शहर के वीआईपी रोड स्थित तुलसी नर्सिंग होम के नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा था. छत ढलाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण अचानक मलबे का एक बड़ा हिस्सा नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरा.
इस दर्दनाक हादसे में 51 वर्षीय महिला मजदूर ज्योति साहू मलबे में दब गई, जिससे उनकी मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
घटना के बाद बसंतपुर पुलिस ने नर्सिंग होम के संचालक दंपती डॉ. अमोलक जैन और डॉ. विजयाश्री जैन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया था. लोक अभियोजक अरुण गुप्ता के अनुसार, अदालत ने निर्माण कार्य में बरती गई घोर लापरवाही को आधार मानते हुए डॉ. अमोलक जैन को इस हादसे का मुख्य जिम्मेदार ठहराया और सजा का ऐलान किया.