पेंड्रा रोड: ऑनलाइन IPL सट्टा मामले में 7 दोषियों को 3-3 साल की सजा
पेंड्रा रोड । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में चर्चित ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी और फर्जी वेबसाइट बनाकर की गई धोखाधड़ी के मामले में पेंड्रा रोड स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कु. सीमा जगदल्ला की अदालत ने अपना निर्णय सुनाया है. अदालत ने मामले में सात आरोपियों को आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी और सट्टेबाजी का दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है.
वहीं, मामले के चार अन्य सह-आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्यों की कमी के कारण बरी कर दिया गया, जबकि आईटी एक्ट की धाराओं के तहत सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है.
यह पूरी कार्रवाई मई 2024 की है, जब पेंड्रा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन एवं एसडीओपी दीपक मिश्रा के नेतृत्व में ग्राम छपराटोला (दुबटिया) में छापा मारा था.
पुलिस ने मौके से 'Rajaranibook.com' नाम की फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया के जरिए सट्टा नेटवर्क चला रहे गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कई लोगों को रंगे हाथ पकड़ा था. जांच में खुलासा हुआ था कि आरोपी सट्टे के अवैध लेन-देन के लिए फर्जी सिम कार्ड और दूसरों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे, जिसे पुलिस ने डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्यों के जरिए साबित किया.
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकाश केंवट, हर्ष जायसवाल, रितेश सुल्तानिया उर्फ गुनगुन, मधुर जैन, योगेश देवांगन, विनायक ताम्रकार और राजकुमार कश्यप को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 467, 468, 471 तथा छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत सजा सुनाई.
इस मामले में शासन की तरफ से एडीपीओ सुचिता सिंह ने पैरवी की. दूसरी ओर, साक्ष्य के अभाव में अजय यादव, जितेन्द्र सोनवानी, राहुल कोरी और अनुराग सोनी को अदालत ने सभी आरोपों से मुक्त कर दिया.