रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

ऑनलाइन सट्टा एप का भंडाफोड़, 20 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन

ऑनलाइन सट्टा खिलाते 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया

H

Hupendra Sharma

11 जुल. 2025, 11:16 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

ऑनलाइन सट्टा
ऑनलाइन सट्टा

खैरागढ़ | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में ऑनलाइन सट्टा एप का भंडाभोड़ हुआ है. महादेव सट्टा एप की तरह ही इसमें भी पैसों का लेनदेन हुआ है. महाराष्ट्र के नागपुर से इसका संचालन किया जा रहा था और इसका नेटवर्क भी देशभर में फैला हुआ है.


पुलिस ने नागपुर से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से नगद सहित करीब 7.5 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है. प्रारंभिक जांच में आरोपियों के बैंक खातों से 20 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन करने का रिकॉर्ड सामने आया है.

विज्ञापन


एसपी लक्ष्य शर्मा ने बताया कि आरोपियों का एक ग्रुप है, जो शिवा बुक नाम के एप से ऑनलाइन सट्टा का कारोबार चला रहे थे.


गिरोह महाराष्ट्र के नागपुर में किराए से एक फ्लैट लेकर इसका संचालन कर रहे थे. ये लोग मोबाइल-लैपटॉप से ऑनलाइन गेमिंग एप पर सट्टा खिलाते थे.


एसपी ने बताया कि 18 जून को खैरागढ़ में एक व्यक्ति को ऑनलाइन जुआ खेलते हुए पुलिस ने पकड़ा था.


इसके बाद इस एप के सर्वर को ट्रेस किया. जिससे दुर्ग और नागपुर में दो ब्रांच होने का पता चला.


सायबर सेल और थाना छुईखदान की टीम ने नागपुर में दबिश दी. जहां फ्लैट से आरोपियों को दबोच लिया गया. पकड़े गए सभी 6 आरोपी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं. 


पकड़े गए आरोपियों में क्षत्रपाल पटेल निवासी डोंगरगढ़, धनंजय सिंह निवासी दुर्ग-भिलाई, चंद्रशेखर अहिरवार भिलाई-सुपेला, डूमेश श्रीवास निवासी सुपेला भिलाई और जशपुर जिले के बगीचा थाना के किलकिला निवासी कुंज पन्ना और समीर बड़ा है.


आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपए नगद और बैंक खातों में 2.28 लाख रुपए जब्त किया है.


इसके अलावा 25 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 26 एटीएम कार्ड, 19 बैंक पासबुक, 14 चेकबुक, 8 आधार कार्ड और सट्टे के हिसाब-किताब के रजिस्टर मिले हैं. 


पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बैंक खातों और यूपीआई से 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन किया है.


इस नेटवर्क का मुख्य संचालक दुर्ग का रहने वाला है. जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही है. इस नेटवर्क में और भी लोगों की संलिप्तता की संभावना है.


पुलिस के बताया कि जिस सर्वर से महादेव बुक चलाया जाता था उसी सर्वर से इस 'शिवा एप' का भी इस्तेमाल हो रहा था.


पुलिस इसकी पूरी जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कही इसका कनेक्शन हवाला, ड्रग्स और बिटकॉइन के संदिग्ध लेनदेन में तो नहीं है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP