नवजात को सांप ने डसा, 97 घंटे वेंटिलेटर में रहने के बाद मिली जिंदगी
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के मद्देड ब्लॉक के तोयनार गांव में एक माह की बच्ची को करैत सांप ने डस लिया था. गंभीर हालत में बच्ची को जगदलपुर के मेकाज अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां चार दिनों से ज्यादा समय तक बच्ची जीवन और मृत्यु के बीच जूझती रही.
आखिरकार डॉक्टरों की कड़ी मशक्कत के बाद उसकी जान बच गई.
बताया गया कि तोयनार निवासी अनिल उरसा 16 जून की रात अपनी 10 माह की बच्ची अल्पना को लेकर सोया था.
अचानक रात में एक करैत सांप ने बच्ची के हाथ की उंगली को डस लिया. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उठा तो पास ही सांप बैठा हुआ था.
परिजन तत्काल ही बच्ची को लेकर बीजापुर अस्पताल पहुंचे. जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर रेफर कर दिया गया.
बच्ची को जिस समय अस्पताल लाया गया, वह बेहोशी की हालत में थी.
बच्ची की हालत को देखते ही उसे तत्काल वेंटिलेटर में रखा गया. 4 दिनों तक शिशु वार्ड के चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची को रखा गया.
आखिरकार 97 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को वेंटिलेटर से बाहर निकाला गया. अब बच्ची की हालत पूरी तरह से ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज भी कर दिया गया है.
मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनुरूप साहू ने बताया कि बच्ची को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था.
उसे जहरीले सांप ने काटा था. बच्ची को 4 दिनों तक 24 घंटे शिशु वार्ड के चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा था. करीब 97 घंटे बाद बच्ची वेंटिलेटर से बाहर आई.
उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में अधिकांश सर्प दंश के मामले आते हैं.
जागरूकता की कमी की वजह से कई बार ग्रामीण देसी इलाज के चक्कर में पड़ जाते हैं. जिस वजह से कई लोगों की मौत हो जाती है.