माओवादियों ने की दो ग्रामीणों की हत्या
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में संदिग्ध माओवादियों ने मुखबिरी के शक में फिर दो ग्रामीणों की हत्या कर दी है. घटना रविवार देर रात की है.
हत्या की वारदात में शामिल माओवादियों की तलाश में पुलिस ने क्षेत्र में सर्चिंग अभियान शुरू किया है. वहीं घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है.
बीजापुर एएसपी चंद्रकांत गवर्णा ने घटना की पुष्टि की है. बीजापुर जिले में ही पिछले दो महीने में माओवादियों ने मुखबिरी के शक में 10 से अधिक आम ग्रामीणों की हत्या की है. जिसमें 6 ग्रामीण, 2 छात्र और 2 शिक्षा दूत शामिल हैं.
बताया गया कि जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र के छुटवाई गांव निवासी कवासी जोगा और बड़ा तर्रेम गांव निवासी मंगलू कुरसम के घर बीती रात को 4 से 5 अज्ञात कथित माओवादी पहुंचे थे.
माओवादियों ने दोनों को घर से उठाया और अपने साथ जंगल की ओर ले गए. जहां धारदार हथियार से दोनों की हत्या कर दी.
हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद माओवादी शव को गांव के पास फेंक गये.
माओवादियों ने उनपर पुलिस से मिलीभगत कर माओवादी संगठन के खिलाफ मुखबिरी करने का आरोप लगाया है.
इस दोहरे हत्याकांड की जिम्मेदारी माओवादियों के जगरगुंडा एरिया कमेटी ने ली है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अज्ञात माओवादियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है.
बताया जा रहा है कि मंगलू कुरसाम के बेटे नंदू ने कुछ दिन पहले ही आत्मसमर्पण किया था. उसके बाद से नंदू गांव में ही रह रहा था.
आशंका है कि इसकी जानकारी मिलने के बाद माओवादी नंदू की हत्या करने आए थे. लेकिन रविवार की रात नंदू घर पर मौजूद नहीं था.
नंदू नहीं मिला तो माओवादियों ने उसके पिता कुरसाम मंगलू को ही अपने साथ ले जाकर हत्या कर दी.