कोरबा: बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे श्रमिक संगठन
कोरबा । संवाददाता: देशभर में लगातार आसमान छूती महंगाई, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों के विरोध में श्रमिक वर्ग का गुस्सा फूट पड़ा है. मंगलवार को ऊर्जाधानी दीपका के प्रगति नगर कॉलोनी स्थित शॉपिंग सेंटर में प्रमुख ट्रेड यूनियनों एटक (AITUC) और सीटू (CITU) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक विशाल संयुक्त विरोध प्रदर्शन किया.
इस दौरान सैकड़ों श्रमिकों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए बढ़ती कीमतों पर तुरंत लगाम लगाने की मांग की और अल्टीमेटम दिया कि यदि अगले १५ दिनों के भीतर राहत नहीं मिली, तो गेवरा-दीपका क्षेत्र में चक्काजाम कर कोयला खदानों का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा.
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे श्रमिक नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. जेसीसी सदस्य अजय राठौर ने कहा कि केंद्र सरकार बाजार पर नियंत्रण खो चुकी है और महंगाई को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है.
वहीं सीटू के क्षेत्रीय सचिव धरमलाल टंडन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि परिवहन से लेकर खाने-पीने की बुनियादी चीजें इतनी महंगी हो चुकी हैं कि मजदूर वर्ग की कमर टूट गई है. सरकार को अपनी नीतियों में सुधार कर तत्काल दाम घटाने चाहिए, अन्यथा श्रमिक अब चुप बैठने वाले नहीं हैं और सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे.
मजदूर संगठनों का कहना है कि ईंधन के दामों में हो रही लगातार वृद्धि का सीधा असर आम जनता के घरेलू बजट पर पड़ रहा है. एटक के सचिव विनोद कुमार यादव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों की सबसे बड़ी मार मध्यम वर्ग और दैनिक वेतनभोगी मजदूरों को झेलनी पड़ रही है.
इस प्रदर्शन में ठेका श्रमिक अध्यक्ष सुनील नायक, संतोष पटेल, गया प्रसाद चंद्रा, दिलीप कुमार, धर्मेंद्र ताम्रकार, मनबोध, निशांत वर्मा, विजय विश्वकर्मा, मन राखन, सी.के. सोनी, राजू प्रसाद, महेंद्र कांत कुर्रे और रणविजय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कामगार उपस्थित थे, जिन्होंने एक सुर में रसोई का बजट बिगड़ने की बात कही.