कटघोरा: पसान में 52 हाथियों की दस्तक से खौफ, स्कूल बंद और रातभर पहरा दे रहे ग्रामीण
कटघोरा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कटघोरा वन मंडल अंतर्गत आने वाले पसान इलाके में 52 हाथियों के एक बड़े झुंड ने डेरा डाल रखा है. हाथियों के इस दल में एक बेलगाम दंतैल हाथी भी शामिल है जो मुख्य समूह से अलग होकर लगातार संपत्ति और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है.
जंगली हाथियों की इस अचानक मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल है और स्थानीय निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि तेलियामार स्थित दीपक मिशन स्कूल प्रबंधन को विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हॉस्टल खाली कराकर बच्चों को घर भेजना पड़ा है.
दरअसल, तीन दिन पूर्व इसी झुंड ने हॉस्टल की चहारदीवारी ढा दी थी और परिसर के बगीचे समेत एक स्थानीय किसान के मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था.
हाथियों के हमले और तोड़फोड़ की आशंका से ग्रामीण अपनी जान-माल की रक्षा के लिए रात-रात भर जागकर पहरेदारी कर रहे हैं. कई लोग तो सुरक्षा के अजीबोगरीब उपाय खोजने पर मजबूर हैं; उदाहरण के तौर पर खेलन सिंह नामक एक ग्रामीण ने किसी भी संभावित हमले से बचने के लिए अपनी खाट घर की छप्पर पर लगा ली है, ताकि आहट मिलते ही ऊंचाई पर शरण ली जा सके.
संकट की इस घड़ी में सुरक्षा और राहत की गुहार लेकर ग्रामीणों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पसान पुलिस थाने में एक महत्वपूर्ण बैठक की. इस दौरान पसान थाना प्रभारी ने लोगों से हाथियों के नजदीक न जाने, बच्चों की सतर्कतापूर्वक निगरानी करने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
दूसरी ओर, स्थिति पर काबू पाने के लिए वन विभाग का अमला लगातार हाथियों की आवाजाही और गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है. प्रभावित इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी करवाकर लोगों को अलर्ट रहने की ताकीद की जा रही है.
वन अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित किसानों की फसलों और क्षतिग्रस्त मकानों का त्वरित मूल्यांकन किया जा रहा है और नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा. हालांकि, दहशतजदा ग्रामीणों का कहना है कि महज दिलासा देने के बजाय प्रशासन को ठोस सुरक्षा इंतजाम और समय पर सूचना देने का पुख्ता तंत्र विकसित करना चाहिए, ताकि उन्हें हर रात डर के साये में न गुजारनी पड़े.