जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल सेवानिवृत हुए
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में सोमवार को एक भावुक और गरिमामय कार्यक्रम के बीच जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल को विदाई दी गई. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के कोर्ट रूम में दोपहर साढ़े तीन बजे आयोजित इस विशेष सम्मान समारोह में बेंच और बार के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे.
अपने तीन दशकों से अधिक के लंबे न्यायिक करियर के अनुभवों को साझा करते हुए जस्टिस अग्रवाल बेहद भावुक नजर आए. उन्होंने प्रसिद्ध कवि शिवमंगल सिंह 'सुमन' की प्रेरक पंक्तियों को उद्धृत करते हुए अपने न्यायिक सफर और जीवन के इस नए अध्याय के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं.
अपने कार्यकाल के दौरान जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल ने न्याय प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया. उन्होंने कुल 3450 से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया, जिनमें विधि के महत्वपूर्ण सिद्धांतों को तय करने वाले 141 रिपोर्टेड फैसले शामिल हैं-जिनमें से 101 निर्णय सिंगल बेंच और 40 निर्णय डिवीजन बेंच के तहत दिए गए.
उनका न्यायिक सफर उच्च न्यायालय में 2 अगस्त 2022 को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शुरू हुआ था, जिसके बाद 28 अप्रैल 2026 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के पद की शपथ ली थी.
विदाई समारोह के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने जस्टिस अग्रवाल के विधिक कौशल, प्रशासनिक क्षमता और सहज स्वभाव की दिल खोलकर प्रशंसा की. सीजे सिन्हा ने कहा कि जस्टिस अग्रवाल ने हमेशा कानून के शासन और मानवीय पहलुओं के बीच संतुलन बनाकर न्याय किया.
उनका धैर्य, स्पष्ट दृष्टिकोण और युवा न्यायिक अधिकारियों को प्रेरित करने वाला आचरण बार और बेंच दोनों के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा.
गौरतलब है कि जस्टिस अग्रवाल की प्रशासनिक और न्यायिक दक्षता का लोहा पहले भी माना जा चुका है; कोरबा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2014 में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश द्वारा उन्हें 'बेस्ट डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस (ईस्ट जोन)' से सम्मानित किया गया था.