टामन सिंह सोनवानी को VIP ट्रीटमेंट देने पर जेल प्रहरी बर्खास्त, दो अन्य पर गाज
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती धांधली के मुख्य अभियुक्त टामन सिंह सोनवानी को चिकित्सीय आधार पर रायपुर के मेकाहारा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में दाखिल कराया गया था. नियमानुसार कस्टडी के दौरान उन्हें हर समय हथकड़ी में रखा जाना था और किसी भी बाहरी व्यक्ति या परिजन से मिलने की मनाही थी.
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और एक मीडिया स्टिंग के जरिए यह खुलासा हुआ कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने इन नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया था. प्रसारित वीडियो में विचाराधीन बंदी सोनवानी बिना हथकड़ी के अपनी पत्नी और एक अन्य शख्स के साथ आराम से बातचीत करते नजर आए.
इस गंभीर सुरक्षा चूक का वीडियो सामने आते ही जेल प्रशासन हरकत में आया और मामले की विस्तृत पड़ताल के आदेश दिए. उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान ने पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें तैनात प्रहरियों को कर्तव्यहीनता और अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया.
जांच रिपोर्ट में बलौदाबाजार के संदीप कुमार महेश्वरी, दंतेवाड़ा के नागेंद्र कुमार महतो और रायगढ़ के पवन कुमार लहरे को इस गंभीर लापरवाही के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया.
जांच अधिकारी की रिपोर्ट मिलते ही केंद्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की. संवेदनशीलता और जनहित को ध्यान में रखते हुए जिला जेल बलौदाबाजार में पदस्थ प्रहरी संदीप कुमार महेश्वरी को बिना किसी नियमित विभागीय जांच के तुरंत प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया.
वहीं, मामले में संलिप्त दो अन्य प्रहरियों नागेंद्र कुमार महतो और पवन कुमार लहरे के खिलाफ नियमानुसार विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.