गिरीपुंजे का अंतिम संस्कार, पत्नी ने सलामी देकर किया विदा
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादियों की आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एडिशनल एसपी आकाश राव गिरीपुंजे को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई.
पत्नी ने उन्हें रोते हुए सलामी देकर अंतिम विदाई दी. इस दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. वहीं मां-पिता बेटे के पार्थिव शरीर को घर से निकलते देख बिलख पड़े.
महादेवघाट स्थित श्मशान घाट में गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद अंतिम संस्कार किया गया. 7 साल के बेटे सिद्धार्थ ने मुखाग्नि दी.
पूरी अंतिम यात्रा में ‘भारत माता की जय’ और ‘अक्कू भैय्या जिंदाबाद’ के नारे लगते रहे.
इससे पहले शहीद आकाश गिरीपुंजे को माना स्थित चौथी वाहिनी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम यात्रा के लिए शहीद के पार्थिव शरीर को कांधा दिया.
चौथी वाहिनी से उनका शव महादेवघाट लाया गया. अंतिम यात्रा में कलेक्टर के साथ कई अफसर और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा- साय
शहीद आकाश राव को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा., उन्होंने समर्पण का परिचय देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है. हमें उन पर गर्व है.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की सफल कार्रवाइयों से नक्सली बौखलाए हुए हैं. माओवादियों ने हताश होकर कायरतापूर्वक कृत्य किया है. नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें ले रहा है और इसका अंत निश्चित है.
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जब गिरीपुंजे के 9 वर्षीय बेटे ने हाथ जोड़कर दिवंगत पिता के पार्थिव शरीर को नमन किया तब वहां सभी की आंखें नम हो गईं. इस दौरान उनकी 6 वर्षीय बेटी भी वहां मौजूद थी.