गरियाबंद: मासूम से दुष्कर्म के दोषी को मरते दम तक उम्रकैद की सजा
गरियाबंद । डेस्क: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है. अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक स्पेशल कोर्ट) यशवंत वासनीकर ने फिंगेश्वर निवासी 50 वर्षीय आरोपी विश्राम निषाद को पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह सजा कम से कम 20 वर्ष की होगी और दोषी के शेष प्राकृतिक जीवन (मरते दम तक) तक जारी रहेगी.
मामले की जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी ने बताया कि घटना फिंगेश्वर थाना क्षेत्र की है, जहाँ कक्षा दूसरी में पढ़ने वाली मात्र 7 वर्ष 11 माह की मासूम बच्ची को आरोपी ने सूने खेत में ले जाकर अपनी हवस का शिकार बनाया था.
पीड़िता की माँ की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था. उपपुलिस अधीक्षक निशा सिन्हा और निरीक्षक नवीन राजपूत के नेतृत्व में पुलिस ने प्रभावी विवेचना कर न्यायालय में पुख्ता साक्ष्य पेश किए.
अभियोजन पक्ष ने दोषसिद्धि के लिए कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए. न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और पीड़िता की अत्यंत कम आयु को ध्यान में रखते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 06 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) के तहत अलग-अलग आजीवन कारावास और कुल 4 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है.