फसलों की सिंचाई को लेकर परेशान हैं बस्तर के किसान
छत्तीसगढ़ के बस्तर का किसान सिंचाई के लिए डैम से पानी छोड़ने प्रशासन से गुहार लगा रहा
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में बस्तर के किसानों की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. फसलों की सिंचाई को लेकर परेशान किसान इंद्रावती नदी से पानी की मांग को लेकर लगातार पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों से फसल की सिंचाई के लिए नदी से पानी की मांग कर रहे हैं.
बुधवार को भी इंद्रावती बचाओ संघर्ष समिति के किसानों ने जगदलपुर के विधायक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से पानी की समस्या दूर करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा.
किसानों ने कहा कि उनकी खड़ी फसल पानी नहीं होने की वजह से बर्बाद हो रही है.
लगातार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से एनीकट (चेक डैम) से पानी छोड़ने की गुहार लगा रहे हैं.
इसके बावजूद किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके चलते विधायक किरण देव से अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पानी दिलाने की मांग किसानों ने की है.
विधायक कार्यालय के घेराव की चेतावनी
इंद्रावती बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप का कहना है कि पिछले एक महीने से इंद्रावती नदी से पानी की मांग को लेकर किसान दर-दर की ठोकर खा रहे हैं.
नेशनल हाईवे में चक्का जाम करने से लेकर कई बार प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंप चुके हैं.
जिला प्रशासन के अधिकारियों से पानी की मांग को लेकर गुहार लगाने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.
बुधवार को भी उन्होंने जगदलपुर के विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव को ज्ञापन सौंप कर इंद्रावती नदी में बने एनीकट से पानी छोड़ने की मांग की है.
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से नदी में बने एनीकट से 10% पानी छोड़े जाने की मांग की गई थी, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई और थोड़ी बहुत ही पानी मिल सका जो की पर्याप्त नहीं है.
किसानों का कहना है कि जल्द से जल्द अगर इस समस्या का हल नहीं किया जाता है तो वे अपनी मांग को लेकर विधायक कार्यालय का घेराव भी करने के लिए बाध्य ही होंगे.
पानी या फिर मुआवजा
सैकड़ों किसानों ने अपनी फसल तो उगा ली है और अब उसे सींचने के लिए बिल्कुल भी पानी नहीं है.
किसानों की खड़ी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है.
कुछ किसानों की फसल तो पूरी तरह से खराब भी हो गई है.
कई किसानों ने कर्ज लेकर फसल उगाई है. ऐसे में अब उन्हें मानसिक तनाव से गुजरना पड़ रहा है.
किसान एनीकट से पानी छोड़ेने या फिर किसानों की नुकसान हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं.
विधायक ने किसानों को दिया आश्वासन
इधर प्रभावित किसानों से मिले विधायक किरण देव का कहना है कि सूखती इंद्रावती नदी को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर है.
हाल ही में उड़ीसा के मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस समस्या को लेकर फोन पर बातचीत की.
इसके बाद 40% से ज्यादा पानी छत्तीसगढ़ की तरफ छोड़ा गया. लेकिन एक बार फिर से नदी में पानी की कमी आ गई है और एनीकट भी पूरी तरह से भरे नहीं हैं.
विधायक ने कहा कि वह जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप से बातचीत कर जल्द ही इसका समाधान निकालेंगे.
फिलहाल विधायक ने किसानों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस समस्या का निदान होगा.
दोनो राज्यों के किसानों के लिए पानी की समस्या
गौरतलब है कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा में मौजूद जोरा नाला में पहले से ही पानी के बंटवारे को लेकर दोनो राज्यों के बीच विवाद बना हुआ है.
हाल ही में ओडिशा के किसानों ने भी उड़ीसा सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ की ओर ज्यादा पानी छोड़ने का आरोप लगाकर बांध को तोड़ दिया, जिससे कि उड़ीसा सरकार की ओर से जो पानी छत्तीसगढ़ की तरफ छोड़ा जा रहा था उसमें फिर से एक बार कमी आ गई.
ऐसे में अब जल बंटवारे की समस्या को लेकर उपजा विवाद हल होता दिखाई नहीं दे रहा है.
दूसरी तरफ दोनों ही राज्य के किसान पानी को लेकर लगातार संघर्ष करते नजर आ रहे हैं.