मुठभेड़, सरेंडर, बरामदगी और युद्ध विराम प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादियों के साथ मुठभेड़,बरामदगी, सरेंडर की खबरें
नारायणपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के अस्थाई कैम्प को नष्ट करते हुए 6 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, बारूद, कुकर बम और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामान के साथ ही माओवादियों का दैनिक सामान बरामद किया है.
नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार से मिली जानकारी के मुताबिक नारायणपुर जिले के कोहकामेटा के अंतर्गत कसोड़- कुमरादी और आसपास के जंगलों में माओवाद विरोधी अभियान के तहत डीआरजी और आईटीबीपी 41 वीं वाहिनी के जवानों की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए निकली हुई थी.
कुमरादि के जंगलों में सुरक्षा बलों और माओवादियों की कंपनी नंबर एक जिसमें सीनियर माओवादी कैडरों के साथ दो से तीन घंटे तक जवानों की मुठभेड़ हुई.
जिसमें हथियारबंद सीनियर माओवादी कैडर जवानों को भारी पड़ता देख और अपने आप को जवानों से घिरता देख भारी मात्रा में नकदी रकम सहित विस्फोटक सामान और दैनिक सामान छोड़कर भाग निकले.
फायरिंग बंद होने के बाद सुरक्षाबलों द्वारा घटनास्थल में सर्च के दौरान मौके से 6 लाख रुपये नकद, 11 लैपटॉप, 50 किलोग्राम बारूद, 30 किलोग्राम शोरा नामक पदार्थ, पेट्रोल-डीजल, दो कुकर बम, एसएलआर का जिंदा कारतूस और कॉर्डेक्स वायर, बिजली वायर, माओवादियों की वर्दी के साथ-साथ वॉकी-टॉकी सेट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस व दैनिक सामान बरामद किया गया है.
एसपी ने बताया कि कई चीजों को सुरक्षात्मक तरीके से मौके पर ही नष्ट कर दिया गया.
मुठभेड़ में माओवादियों को गोली लगने का दावा
नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से ऑपरेशन "माड़ बचाव" अभियान के तहत जवानों को लगातार सफलता हासिल हो रही है.
कोहकामेटा की मुठभेड़ में भी कुछ माओवादियों को गोली लगी है, हालांकि वह मौके से भाग निकलने में कामयाब हो गए.
जिस तरह से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामान और लैपटॉप के साथ नगद राशि बरामद की गई है इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि माओवादियों की बड़ी कंपनी से जवानों की मुठभेड़ हुई है.
फिलहाल इलाके में लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही घटनास्थल से बरामद लैपटॉप की भी जांच की जा रही है.
एसपी ने बताया कि यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में लैपटॉप बरामद हुए हैं.
वार्ता के लिए एक महीने का युद्ध विराम प्रस्ताव
इधर माओवादियों के उत्तर पश्चिम सब ज़ोनल ब्यूरो के प्रभारी रुपेश के नाम से जारी प्रेस नोट सामने आया है, जिसमें राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा का धन्यवाद देते हुए लिखा गया है कि मेरे पहले बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का धन्यवाद,
मेरी सुरक्षा गारंटी देते हुए मेरी इस कोशिश को आगे बढ़ाने की अनुमति देने के लिए भी धन्यवाद.
वार्ता के लिए हमारी तरफ़ से प्रतिनिधित्व के लिए नेतृत्वकारी कामरेडों से मिलना ज़रूरी है.
इसलिए सरकार से मेरी अपील है एक महीने तक सशस्त्र बलों के ऑपरेशन पर रोक लगाया जाए.
शांति वार्ता के लिये दोनो ओर से कम से कम अस्थायी तौर पर युद्ध विराम का ऐलान करना लाजिमी है. यह शर्त के दायरे में नहीं आता बल्कि शांति वार्ता के लिये अनुकूल माहौल बनाने का हिस्सा है.
इस पर आपकी प्रतिक्रिया की हम प्रतीक्षा करेंगे.
मेरे पहले प्रेस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा, कांग्रेस के लोगों द्वारा हमारे विरोध में की गई बातों का अभी जवाब नहीं दे रहा हूँ. अभी एक विषय पर ध्यान दे रहा हूँ.
शांति वार्ता के लिए अनुकूल माहौल में वार्ता के लिए तैयार हैं, गृहमंत्री विजय शर्मा की प्रतिक्रिया का इंतजार है.
इस पत्र के माध्यम से देश के तमाम जनवादी प्रेमियों से अपील की गई है कि समस्या के समाधान के लिए हमारी जायज मांग का समर्थन करें.
पुलिस इस प्रेस नोट की जांच कर रही है.
सुकमा में 22 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
दूसरी तरफ सुकमा जिले में 22 माओवादियों ने सीआरपीएफ डीआईजी और सुकमा एसपी की मौजूदगी में आत्मसमर्पण किया है.
पुलिस के मुताबिक सरेंडर किये सभी 22 संदिग्ध माओवादी 40 लाख रुपए के इनामी हैं.
जिनमें 9 महिला माओवादी शामिल हैं.
सरेंडर माओवादियों में से माओवादी दम्पति PLGA कंपनी नंबर 1 का मुचाकि जोगा 8 लाख रुपये इनामी और प्लाटून नम्बर एक की डिप्टी कमांडर सिवायपीसीएम मुचाकी जोगी ने भी सरेंडर किया है.
ये दोनों माड़ डिवीजन और नुआपाड़ा डिवीजन में सक्रिय रहे हैं.
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि शासन के नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत के अभियान के तहत और सरकार की नई पुनर्वासनीति के तहत इन 22 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है.
आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 40 लाख 50 हजार रूपये का इनाम घोषित है.
पुलिस का कहना है कि सभी माओवादियों को 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है.
साथ ही जल्द ही पुनर्वास नीति का लाभ भी दिया जाएगा
बड़ेसेट्टी बना पहला माओवाद मुक्त गांवसुकमा जिले का बड़ेसेट्टी गांव सबसे पहला माओवाद मुक्त गांव बन चुका है.
एसपी ने बताया कि बड़ेसेट्टी सुकमा का पहला गांव है, जो पूरी तरह से माओवाद मुक्त हो गया है.
सरकार के निर्देशों के अनुसार इस गांव को 1 करोड़ रुपए की राशि विकास कार्यों के लिए मिलेगी.
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