दुर्ग: भाजपा कार्यकर्ता व पूर्व उपसरपंच का मिला शव
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में उतई थाना क्षेत्र के ग्राम सेलूद में भारतीय जनता पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. मृतक की पहचान 50 वर्षीय तारेंद्र बंछोर के रूप में हुई है, जो वर्तमान में शासकीय कन्या विद्यालय समिति और सरस्वती शिशु मंदिर के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र के सांसद विजय बघेल भी शोक संतप्त परिवार से मिलने तुरंत गांव पहुंचे.
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह जब ग्रामीण बाजार चौक स्थित चारबांधा तालाब के पास पहुंचे, तो उन्होंने शिव मंदिर परिसर में एक चंपा के पेड़ से तारेंद्र का शव लटकते हुए देखा. इसकी सूचना तुरंत उतई पुलिस को दी गई.
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी. पोस्टमॉर्टम की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है.
फिलहाल मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्मघाती कदम उठाने की असली वजह साफ नहीं हो सकी है.
स्थानीय लोगों और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, तारेंद्र बंछोर पिछले कुछ समय से पेट से जुड़ी गंभीर बीमारी और निमोनिया से पीड़ित थे. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था, जहां से इलाज के बाद वे ठीक होकर घर लौटे थे, लेकिन माना जा रहा है कि वे अपनी बीमारी को लेकर मानसिक रूप से परेशान थे.
घटना से एक दिन पहले उन्होंने बाजार से रस्सी खरीदी थी और पड़ोस में आयोजित एक कार्यक्रम में भी सामान्य रूप से शामिल हुए थे. खुदकुशी करने से पहले उन्होंने अपने मोबाइल को अनलॉक छोड़ दिया था, ताकि उनके जाने के बाद परिवार वालों को किसी तरह की परेशानी न हो.
इस पूरे मामले में एक भावुक कर देने वाला पहलू यह भी है कि करीब 20 साल पहले (साल 2005 में) जब तारेंद्र गांव के उपसरपंच हुआ करते थे, तब उन्होंने ही इस शिव मंदिर का निर्माण करवाया था. इतना ही नहीं, जिस चंपा के पेड़ पर उनका शव मिला, वह पेड़ भी दो दशक पहले उन्होंने खुद अपने हाथों से रोपा था.
उतई थाना पुलिस का कहना है कि वे ग्रामीणों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर मामले के हर पहलू की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं, और पूरी जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा.