धरमजयगढ़: नाबालिग से दरिंदगी के दोषी को अंतिम सांस तक जेल
रायगढ़ । संवाददाता: रायगढ़ के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली वारदात में विशेष न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी अकिल साय कोरवा को अपनी अंतिम सांस तक जेल में रहने यानी शेष प्राकृतिक जीवनकाल के लिए आजीवन कारावास का दंड दिया है.
इसके साथ ही आरोपी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. पीड़िता के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए उसे 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की अनुशंसा की है.
यह खौफनाक वारदात 11 दिसंबर 2021 की शाम को घटी थी, जब पीड़िता अपनी सहेली के साथ गांव में आयोजित एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रही थी. उसी दौरान सरगुजा जिले के सीतापुर निवासी 20 वर्षीय अकिल साय कोरवा ने पीड़िता को रास्ते से जबरन अगवा कर लिया और पास के जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया.
घटना के तुरंत बाद पीड़िता की सहेली ने दौड़कर उसके परिजनों को आपबीती बताई. घबराए परिजनों ने जंगल में काफी खोजबीन की, लेकिन उस वक्त लड़की का कोई सुराग नहीं मिला. कुछ समय बाद पीड़िता किसी तरह बदहवास हालत में खुद घर पहुंची और अपने पिता को पूरी घटना से अवगत कराया. तबीयत गंभीर होने पर परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस में मामला दर्ज कराया.
पीड़िता के पिता की तहरीर मिलते ही धरमजयगढ़ पुलिस ने केस दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. जांच पूरी होने पर पुलिस ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत आरोप पत्र (चालान) दाखिल किया.
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायालय के न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी ने तमाम गवाहों के बयान और साक्ष्यों का सूक्ष्मता से अध्ययन किया. विशेष लोक अभियोजक अर्चना मिश्रा की ओर से रखी गई मजबूत दलीलों और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी अकिल साय को सभी धाराओं में दोषी पाया.
न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट तौर पर रेखांकित किया कि सजा का मतलब आरोपी का पूरा प्राकृतिक जीवनकाल जेल की सलाखों के पीछे बीतना होगा.