बिहार में प्रदर्शनकारियों पर कथित AK-47 फायरिंग मामले में सिपाही निलंबित
नई दिल्ली । डेस्क: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छिड़ा विवाद अब एक नए और गंभीर राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो चुका है. बिहार के सीवान में वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा आयोजित राज्यव्यापी बंद और प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा स्वचालित राइफल (AK-47) से फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा है.
सीवान के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हवा में फायरिंग करते दिखे पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है, लेकिन इस घटना ने संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक पारे को चरम पर पहुंचा दिया है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को 'निर्दयी' करार देते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के जायज गुस्से को दबाने के लिए जानलेवा बल का प्रयोग किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन और बिहार में AK-47 जैसी घातक राइफलों का इस्तेमाल यह साफ दर्शाता है कि सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो चुकी है. राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए देश के युवाओं से माफी मांगने की मांग की है.
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता के आरोपों को पूरी तरह से भ्रामक और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करार दिया है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने संसद परिसर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना और झूठे दावों को हवा देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का मकसद समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि देश में कृत्रिम रूप से आक्रोश पैदा कर माहौल बिगाड़ना है. भाजपा ने मांग की है कि राहुल गांधी को इस भ्रामक बयानबाजी के लिए राष्ट्र से तुरंत माफी मांगनी चाहिए. संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे और माफी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया है.