भिलाई इस्पात संयंत्र और टाउनशिप बचाने राजभवन पहुंचे कांग्रेसी
दुर्ग । संवाददाता: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) और भिलाई टाउनशिप के अस्तित्व की रक्षा के लिए निकाली गई चार दिवसीय 'भिलाई बचाओ पदयात्रा' का समापन बुधवार को राजधानी रायपुर स्थित राजभवन घेराव के साथ हुआ. भिलाई शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में आयोजित इस पदयात्रा में जनप्रतिनिधियों, बीएसपी कर्मियों, ठेका मजदूरों और हाउस लीज संघर्ष समिति के सदस्यों सहित हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा.
यात्रा के अंतिम दिन रामगढ़िया भवन, टाटीबंध से गांधी टोपी और राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ी पदयात्रा को अनुपम गार्डन के पास पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया.
कार्यकर्ताओं द्वारा आगे बढ़ने की कोशिश करने पर पुलिस के साथ काफी देर तक खींचतान हुई, जिसके बाद कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया गया. बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति शांत हुई और कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल को ज्ञापन सौंपने के लिए लोकभवन जाने की अनुमति दी गई.
इस आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने आम जनता से सीधा संवाद स्थापित कर भिलाई के अधिकारों की रक्षा का आह्वान किया. जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने इस अभियान को भिलाईवासियों के न्याय और अस्तित्व की लड़ाई करार दिया.
प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कलेक्टर संजय विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपकर भिलाई की बसाहट और संयंत्र के हितों की सुरक्षा की पुरजोर वकालत की.
इस विरोध प्रदर्शन के अंतिम चरण में प्रदेश कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरों का भी समर्थन मिला. ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में भिलाई महापौर नीरज पाल, रिसाली महापौर शशि सिन्हा, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, रायपुर शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेमन, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, बदरुद्दीन कुरैशी, अरुण वोरा, प्रतिमा चंद्राकर और पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित क्षेत्र के प्रमुख नेता एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे.