चीन ने अंतरिक्ष को सैन्यीकरण से बचाने के लिए दुनिया से की एकजुट होने की अपील
बाहरी अंतरिक्ष को युद्ध का मैदान बनने से रोकने के लिए चीन ने एक नई वैश्विक पहल की है. बीजिंग ने अंतरिक्ष के सैन्यीकरण पर रोक लगाने, निजी अंतरिक्ष कंपनियों पर सख्त निगरानी रखने और अमेरिका जैसे देशों द्वारा लगाए जाने वाले एकतरफा प्रतिबंधों का कड़ा विरोध करते हुए नया पोजीशन पेपर जारी किया है.
नई दिल्ली । डेस्क: ब्रह्मांडीय अन्वेषण के इस आधुनिक दौर में आउटर स्पेस के सुरक्षा नियमों को लेकर वैश्विक मंच पर एक नई बहस छिड़ गई है. चीन ने बाहरी अंतरिक्ष के शासन और इसकी सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत पोजीशन पेपर जारी किया है. बीजिंग के निकट आयोजित पहले 'ग्लोबल गवर्नेंस फोरम' के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस आधिकारिक दस्तावेज को दुनिया के सामने रखा. इस दस्तावेज में स्पष्ट रूप से अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती रोकने, सैन्य प्रतिस्पर्धा पर लगाम लगाने और बिना किसी भेदभाव के सभी राष्ट्रों के वैध अधिकारों की रक्षा करने वाले एक पारदर्शी वैश्विक ढांचे के निर्माण पर जोर दिया गया है.
ग्लोबल गवर्नेंस इनिशिएटिव और अंतरिक्ष नियमन
बीजिंग द्वारा जारी यह दस्तावेज राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी विदेश नीति 'ग्लोबल गवर्नेंस इनिशिएटिव' के आठ प्रमुख बिंदुओं में से एक के रूप में प्रस्तुत किया गया है. फोरम में उपस्थित दुनिया के 90 से अधिक देशों के लगभग 400 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि अंतरिक्ष अन्वेषण की गति के साथ ही इसके नियमन के नियम भी विकसित होने चाहिए. उन्होंने रेखांकित किया कि अंतरिक्ष से जुड़े किसी भी नियम निर्माण में दुनिया के सभी देशों की समान और व्यापक भागीदारी होनी चाहिए, ताकि इसके लाभ केवल चुनिंदा राष्ट्रों तक सीमित न रहकर संपूर्ण मानव जाति तक पहुँच सकें. चीन का मानना है कि अंतरिक्ष, साइबर स्पेस और गहरे समुद्र जैसे नए क्षेत्रों में वर्तमान वैश्विक नियम काफी पीछे छूट रहे हैं, जिन्हें तुरंत अद्यतन करने की आवश्यकता है.
अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ पर गहरी चिंता
हाल के दिनों में अंतरिक्ष सुरक्षा को लेकर तनाव काफी बढ़ा है. अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती की बात स्वीकार किए जाने के बाद चीन का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चीन के पोजीशन पेपर में स्पष्ट कहा गया है कि अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ और इसके सैन्यीकरण की बढ़ती प्रवृत्ति इस समय वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है. दस्तावेज में चेतावनी दी गई है कि यदि बाहरी अंतरिक्ष को युद्ध क्षेत्र में बदला गया, तो इसके परिणाम भयावह होंगे. इसी खतरे को देखते हुए चीन ने आक्रामक अंतरिक्ष नीतियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और किसी भी प्रकार के अंतरिक्ष हथियारों की होड़ को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कानूनी कदम उठाने की अपील की है.
एकतरफा प्रतिबंधों और अमेरिकी नीतियों पर तंज
चीन ने अपने इस पोजीशन पेपर के जरिए सीधे तौर पर नाम लिए बिना अमेरिका की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है. बीजिंग ने अमेरिकी घरेलू कानूनों का हवाला देकर अन्य देशों की अंतरिक्ष गतिविधियों पर लगाए जाने वाले एकतरफा प्रतिबंधों का जोरदार विरोध किया है. उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने नासा और चीनी अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच सहयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है और कई चीनी एयरोस्पेस कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया हुआ है. चीन इन कदमों को अपने वाणिज्यिक और वैज्ञानिक विकास को रोकने तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से अलग-थलग करने का भेदभावपूर्ण प्रयास मानता है. संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी चीनी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अंतरिक्ष के नियम कुछ देशों के विशेष समूहों द्वारा नहीं, बल्कि सभी राष्ट्रों की सहमति से तय होने चाहिए.
वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षेत्र और भावी वैश्विक दिशा
सुरक्षा और संप्रभुता के मुद्दों के अलावा, चीन ने तेजी से बढ़ते निजी और वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षेत्र के नियमन पर भी विशेष ध्यान आकर्षित किया है. पोजीशन पेपर में आग्रह किया गया है कि निजी अंतरिक्ष कंपनियों और वाणिज्यिक उपक्रमों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त निगरानी रखी जानी चाहिए. इन निजी संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करना होगा ताकि वे किसी अन्य देश की आंतरिक संप्रभुता, सुरक्षा या सशस्त्र संघर्षों में अवैध रूप से हस्तक्षेप न कर सकें. वैश्विक दक्षिण के देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की वकालत करते हुए चीन ने संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक निष्पक्ष और समावेशी अंतरिक्ष शासन व्यवस्था स्थापित करने का आह्वान किया है.