चीन सीमा पर चुप्पी क्यों? कांग्रेस का सरकार से सवाल
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस के आरोपों और ITBP प्रमुख शत्रुजीत कपूर द्वारा रक्षा तैयारियों पर दिए गए बड़े बयानों के बीच LAC पर हालात संवेदनशील बने हुए हैं.
नई दिल्ली । डेस्क: अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन की सेनाओं के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई स्थानों पर फेस-ऑफ जारी रहने की रिपोर्ट्स के बाद देश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं.
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में चीनी सेना के साथ गतिरोध बना हुआ है, लेकिन प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है.
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की नीतियों के कारण चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे देश के छोटे और मटोले उद्योग प्रभावित हो रहे हैं. साथ ही, सीमा पर पेट्रोलिंग पॉइंट्स खोने और चीन द्वारा भारतीय क्षेत्रों के नाम बदलने को लेकर भी चिंता जताई गई है.
दूसरी ओर, सीमा की सुरक्षा में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बल के आधुनिकीकरण और रणनीतिक तैयारियों की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि गलवान जैसी स्थितियों से निपटने के लिए बल को लगातार मजबूत किया जा रहा है.
इसी कड़ी में ITBP ने 'शौर्य' नाम से एक विशेष कमांडो टीम तैयार की है, जो उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में गश्त और जटिल परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम है. यह टीम वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में तैनात है और चीनी सैनिकों का मजबूती से सामना कर रही है.
ITBP प्रमुख के अनुसार, सीमा पर सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए पूरे बल में ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक का तेजी से विस्तार किया जा रहा है. इसके लिए आधुनिकीकरण बजट का एक बड़ा हिस्सा आरक्षित किया गया है.
साथ ही, अग्रिम सीमा चौकियों पर अंडरग्राउंड शेल्टर्स का निर्माण शुरू कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में सैनिकों को सुरक्षित और स्थायी सुरक्षा कवर मिल सके.
ITBP हर बटालियन में शौर्य कमांडो की पूरी कंपनी और आगे चलकर एक समर्पित शौर्य बटालियन गठित करने की योजना पर काम कर रही है. सीमा पर बदलते युद्ध कौशल को देखते हुए बल अपनी रणनीतियों को लगातार धार दे रहा है.