बदलती दुनिया के साथ नहीं बदल रहा संयुक्त राष्ट्र, 'ग्लोबल साउथ' को मिले सही प्रतिनिधित्व: पीएम मोदी
NDTV वर्ल्ड समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की सीमाएं अब स्पष्ट हो चुकी हैं.
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को NDTV द्वारा आयोजित 'वर्ल्ड समिट' को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य वैश्विक संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. पीएम मोदी ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सीमाएं पूरी तरह से उजागर हो चुकी हैं.
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकाय की एक रिपोर्ट में भारत में युवा आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर टिप्पणी की गई थी.
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों की ऐतिहासिक भूमिका निसंदेह महत्वपूर्ण रही है, लेकिन आज की आधुनिक चुनौतियों का सामना करने में उनकी लाचारी स्पष्ट दिखाई दे रही है.
वर्तमान दौर को 'दो वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच का संक्रमण काल' करार देते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, नई ताकतें उभर रही हैं और 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) की आवाज लगातार बुलंद हो रही है.
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि इस नई वैश्विक वास्तविकता के बावजूद संयुक्त राष्ट्र के निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई जरूरी बदलाव नहीं आया है. सुधारों की सुस्ती के कारण ये संस्थान समकालीन वैश्विक आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करने में पिछड़ रहे हैं.