दक्षिण अफ्रीका में एंटी-इमिग्रेंट हिंसा: डरबन में विदेशी नागरिक की हत्या
दक्षिण अफ्रीका के डरबन में प्रवासियों के खिलाफ भड़की हिंसा के बीच लगभग 50 लोगों की भीड़ ने एक विदेशी नागरिक को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया.
नई दिल्ली । डेस्क: दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख बंदरगाह शहर डरबन में विदेशी नागरिकों के खिलाफ जारी तनाव के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े एक विदेशी नागरिक पर लगभग 50 लोगों की उग्र भीड़ ने हमला कर दिया. पुलिस के अनुसार, भीड़ द्वारा की गई भीषण मारपीट के कारण पीड़ित की मौके पर ही मौत हो गई.
मृतक की उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच बताई जा रही है, हालांकि अभी उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं की गई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना में शामिल संदिग्धों की पहचान की जा रही है.
डरबन पिछले कुछ महीनों से विदेशी नागरिकों के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बना हुआ है. दो सप्ताह पूर्व आयोजित एक एंटी-माइग्रेंट मार्च के बाद से क्षेत्र में लूटपाट और हिंसक झड़पों की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है.
जून से जारी इन प्रदर्शनों में मुख्य रूप से अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले अफ्रीकी प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.
हिंसा के इस दौर के बीच नाइजीरिया, मोज़ाम्बिक और मलावी जैसे देशों ने दावा किया है कि दक्षिण अफ्रीका में उनके नागरिकों की हत्याएं की गई हैं. हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि इनमें से कई मौतें आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं.
मौजूदा तनाव और हिंसा से बचने के लिए हाल के महीनों में हजारों प्रवासियों ने दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया है, जिसे पिछले कुछ वर्षों में सबसे बड़ा पलायन माना जा रहा है. वहीं, सरकार का कहना है कि कई लोगों को वैध दस्तावेजों के अभाव में देश से निष्कासित भी किया गया है.
दक्षिण अफ्रीका, महाद्वीप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के कारण रोजगार और अवसरों की तलाश में आए लाखों प्रवासियों का ठिकाना रहा है.
हालांकि, स्थानीय समुदायों का आरोप है कि विदेशी नागरिकों की बढ़ती संख्या के कारण नौकरियों की कमी हो रही है और सार्वजनिक सुविधाओं पर अत्यधिक बोझ पड़ रहा है.
राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने प्रवासियों के खिलाफ हिंसा की कड़ी निंदा की है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कमजोर सीमा नियंत्रण प्रणाली के कारण अवैध अप्रवासन की समस्या बढ़ी है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका की 6.2 करोड़ की आबादी में लगभग 24 लाख विदेशी नागरिक रह रहे हैं.