बलरामपुर: अस्पताल पर ताला देख एम्बुलेंस में कराया प्रसव, दो नर्सों पर एक्शन, 1 निलंबित, 1 बर्खास्त
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने पर प्रसूता को एम्बुलेंस में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा. वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एक नर्स को निलंबित व दूसरी को बर्खास्त कर दिया है, वहीं अनुपस्थित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
बलरामपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में समय पर ताला न खुलने के कारण एक गर्भवती महिला को महतारी एक्सप्रेस (एम्बुलेंस) में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो नर्सों के खिलाफ निलंबन व बर्खास्तगी की कार्रवाई की है, साथ ही अनुपस्थित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे प्रसव पीड़ा से ग्रसित एक महिला को परिजन महतारी एक्सप्रेस से रेवतपुर अस्पताल लेकर पहुंचे थे. हालांकि, अस्पताल में ताला लटका हुआ था और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ नदारद थे.
महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों और एम्बुलेंस कर्मचारियों को वाहन के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराना पड़ा. घटना की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा अस्पताल प्रभारी को दिए जाने के लगभग एक घंटे बाद ताला खोला गया, जिसके उपरांत मां और नवजात का उपचार शुरू हो सका.
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजपुर के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. दीपक गुप्ता ने बुधवार को केंद्र पहुंचकर जांच की. जांच में सामने आया कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स अपूर्वा सिंह भदौरिया और जीवन दीप समिति की नर्स विभा रानी पैकरा बिना किसी सूचना के गायब थीं.
जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य संयुक्त निदेशक डॉ. कपिल देव पैकरा ने अपूर्वा सिंह भदौरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि अन्य शिकायतों को ध्यान में रखते हुए BMO ने विभा रानी पैकरा को सेवा से बर्खास्त कर दिया.
इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक ढिलाई पर भी शिकंजा कसा गया है.
घटना के समय अवकाश पर रहे अस्पताल प्रभारी डॉ. ईश्वरी धृतलहरे को राजपुर एसडीएम द्वारा नोटिस दिया गया है. वहीं जांच के दौरान बिना पूर्व सूचना के गायब पाए गए डॉ. रमेश जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमएचओ को सिफारिश भेजी गई है.
17 कर्मचारियों के पदस्थ होने के बावजूद अस्पताल बंद मिलने और स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार जताई जा रही अव्यवस्था की शिकायतों पर BMO ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को भविष्य में सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है.